
अल्मोड़ा। उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी-शिक्षक संगठन उत्तराखंड की जनपद इकाई अल्मोड़ा की वर्चुअल बैठक में विभिन्न लंबित मांगों को लेकर नाराजगी जताई गई। संगठन ने चयन प्रोन्नत, पदों के पुनर्गठन, पुरानी पेंशन बहाली और लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण की मांग को लेकर शीघ्र धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। धरने की तिथि जल्द घोषित की जाएगी।
बैठक में बेसिक शिक्षा परिषद से राजकीय सेवा में आए शिक्षकों को एलटी में जाने के बाद चयन प्रोन्नत का लाभ नहीं मिलने पर असंतोष व्यक्त किया गया। साथ ही डिप्लोमा फार्मेसी के 539 पद समाप्त किए जाने के फैसले का भी विरोध किया गया।
डिप्लोमा फार्मेसी एसोसिएशन के अध्यक्ष डीके जोशी ने कहा कि समाप्त किए गए पदों का पुनः सृजन किया जाना चाहिए। उन्होंने विभाग में अलग-अलग वेतनमान लागू किए जाने पर भी आपत्ति जताई। फार्मासिस्ट प्रेम प्रकाश ने कहा कि वर्ष 2009 से पहले और बाद में नियुक्त कर्मचारियों को अलग वेतनमान देना चिंता का विषय है।
कैलाश पपनै ने 10, 16 और 26 वर्ष की एसीपी व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई। वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिगंबर फुलोरिया ने कहा कि बेसिक शिक्षा से एलटी में गए शिक्षकों को पूर्व सेवा का लाभ नहीं मिल रहा है, जिससे उनके साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने सरकार से पदोन्नति के स्थान पर समायोजन शब्द लागू करने की मांग की।
बैठक में हरीश गैरोला ने कहा कि कई मामलों में विभागीय स्तर पर निर्णय नहीं लिए जा रहे हैं और कर्मचारियों को न्यायालय की शरण लेनी पड़ रही है। एनएमओपीएस उत्तराखंड के जिला अध्यक्ष गणेश भंडारी ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली तक आंदोलन जारी रहेगा और अधिक से अधिक कर्मचारियों को इसमें शामिल होना होगा।
सचिव धीरेन्द्र कुमार पाठक ने कहा कि शिक्षा विभाग में दो वर्षों से सामान्य स्थानांतरण नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने फारगो नियमावली में संशोधन और पदोन्नति से वंचित कर्मचारियों को एक अवसर देने की मांग भी उठाई।
बैठक में डॉ. मनोज कुमार जोशी ने कहा कि सभी लंबित मामलों को लेकर जल्द धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी विभागों में पेंशन और अन्य प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित होना चाहिए। इस संबंध में जिलाधिकारी को भी पत्र भेजा जाएगा। बैठक में नवीन बिलजवाण, रामेश्वर, प्रमोद पंत और भैरव दत्त पनेरू समेत अन्य लोग मौजूद रहे।


