
अल्मोड़ा। मुंशी हरि प्रसाद टम्टा धर्मशाला संघर्ष समिति ने धर्मशाला को किराये पर देने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। समिति ने नगर निगम के निर्णय पर रोक लगाने और पूर्व प्रस्ताव के अनुसार संचालन समिति गठित करने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया कि उत्तराखंड के समाज सुधारक स्वर्गीय मुंशी हरि प्रसाद टम्टा की स्मृति में उनके छोटे भाई द्वारा वर्ष 1963 में अपने संसाधनों से अल्मोड़ा में हरि प्रसाद टम्टा धर्मशाला का निर्माण कराया गया था। बाद में इसके संचालन की जिम्मेदारी नगर पालिका को सौंप दी गई थी।
समिति के अनुसार धर्मशाला के जीर्णशीर्ण होने पर राज्य सरकार द्वारा पुनर्निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई, जिससे इसका जीर्णोद्धार कराया गया। धर्मशाला का उद्देश्य निर्धन यात्रियों और शिल्पकार समाज को निःशुल्क अथवा अल्प शुल्क पर आवास सुविधा उपलब्ध कराना था।
ज्ञापन में कहा गया कि स्वर्गीय हरि प्रसाद टम्टा के परिजनों ने नगर निगम से धर्मशाला के संचालन के लिए एक संचालन समिति गठित करने का अनुरोध किया था, जिसमें टम्टा परिवार के प्रतिनिधियों और नगर निगम प्रशासन को शामिल किया जाए। इस संबंध में बैठक बुलाकर निर्णय लेने की मांग भी की गई थी।
समिति का आरोप है कि नगर निगम द्वारा धर्मशाला को किराये पर देने के लिए विज्ञापन जारी किया गया है, जो शिल्पकार समाज की भावनाओं के विपरीत है। परिजनों और संघर्ष समिति ने जिलाधिकारी से नगर निगम के इस एकतरफा निर्णय पर रोक लगाने और पूर्व प्रस्ताव के अनुसार बैठक आयोजित कर आगे की कार्रवाई करने की मांग की है।
ज्ञापन सौंपने वालों में दया शंकर टम्टा, रवि शंकर टम्टा, शिव शंकर टम्टा, पवन लाल शाह, नेहा टम्टा, शोभा टम्टा, महेश प्रसाद टम्टा, जंग बहादुर थापा, हरीश नेगी सहित हरि प्रसाद टम्टा संघर्ष समिति के सदस्य मौजूद रहे।

