
अल्मोड़ा। जिले में लगातार बढ़ रही वनाग्नि की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी अंशुल सिंह के निर्देश पर गुरुवार को जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में जंगलों में आग लगाने के मामलों में अज्ञात लोगों के खिलाफ पांच प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
पुलिस ने थाना सल्ट, रानीखेत, चौखुटिया, द्वाराहाट और भतरौंजखान क्षेत्रों में वनाग्नि की घटनाओं को लेकर मुकदमे दर्ज किए हैं। प्रशासन का कहना है कि जंगलों में आग लगाने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि वनाग्नि केवल जंगलों तक सीमित समस्या नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण, वन्यजीवों, जैव विविधता, जल स्रोतों और मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। उन्होंने कहा कि जंगलों में आग लगने से प्राकृतिक संपदा को भारी नुकसान पहुंचता है और स्थानीय लोगों की आजीविका भी प्रभावित होती है।
उन्होंने चेतावनी दी कि जानबूझकर या लापरवाही से जंगलों में आग लगाने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन, वन विभाग और पुलिस की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
जिला प्रशासन ने लोगों से जंगलों के आसपास जलती सामग्री न फेंकने और खेती-बाड़ी के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। साथ ही कहीं भी आग लगने की सूचना मिलने पर तुरंत वन विभाग, पुलिस या प्रशासन को जानकारी देने को कहा गया है।
जिलाधिकारी ने वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस अधिकारियों को वन क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने और संदिग्ध घटनाओं में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दर्ज मुकदमों में लगातार जांच और पूछताछ कर आरोपियों तक पहुंचा जाएगा।
प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह ने कहा कि वन विभाग आग की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए लगातार सक्रिय है और वनाग्नि रोकने में जनसहभागिता बेहद जरूरी है।

