

अल्मोड़ा। ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में गुरुवार को क्षय रोग (टीबी) जांच एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करना और समय पर जांच एवं उपचार सुनिश्चित करना रहा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद पांगती के निर्देश पर आयोजित शिविर में 25 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। जिन लोगों में टीबी के संदिग्ध लक्षण पाए गए, उनके बलगम के नमूनों की जांच भी कराई गई। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. प्रशांत डेनियल ने शिविर में लोगों को टीबी के लक्षणों और बचाव की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टीबी एक संक्रामक रोग है, लेकिन समय पर जांच और नियमित दवा सेवन से इसका पूर्ण उपचार संभव है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से टीबी मरीजों को नि:शुल्क जांच और उपचार की सुविधा के साथ पोषण सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है। शिविर में बताया गया कि दो सप्ताह से अधिक लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना और रात में पसीना आना टीबी के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर लोगों से तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की अपील की गई। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से टीबी के लक्षणों को नजरअंदाज न करने और टीबी मुक्त भारत अभियान में सहयोग देने का आह्वान किया।

