
रुड़की(आरएनएस)। लंढौरा के एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद नवजात शिशु को बेचने की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। हालांकि, पुलिस की जांच में मामला अफवाह निकला और बच्ची सुरक्षित अपने माता-पिता के पास मिली। भलस्वा निवासी दिलशाद ने अपनी पत्नी को 19 अप्रैल को प्रसव पीड़ा होने पर लंढौरा के जौरासी मार्ग स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल संचालक तमरेज के मुताबिक, जन्म के बाद बच्ची कमजोर थी, जिस कारण उसे एनआईसीयू में रखा गया। उनका कहना है कि बच्ची के माता-पिता उसे अस्पताल में छोड़कर घर चले गए थे, जिसके बाद बच्ची को बेहतर इलाज के लिए सहारनपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी बीच, करीब पांच दिन बाद बच्ची के पिता ने मंगलौर कोतवाली पुलिस को सूचना दी कि अस्पताल संचालक ने उसकी बच्ची को सहारनपुर में बेच दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई और मामले की जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पता चला कि बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है और अपने माता-पिता के पास ही है। चौकी प्रभारी अशोक सिरस्वाल ने बताया कि बच्ची के पिता ने स्वयं पुलिस चौकी पहुंचकर इसकी पुष्टि की। फिलहाल पुलिस ने अस्पताल संचालक और बच्ची के पिता को हिरासत में लेकर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

