
अल्मोड़ा। जनपद के सभी न्यायालयों में आगामी 9 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न प्रकार के वादों का निस्तारण आपसी सुलह-समझौते के आधार पर किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनामिका सिंह ने वादकारियों और आम जनता से अधिक से अधिक संख्या में इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि जो भी व्यक्ति अपने मामले का निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से कराना चाहते हैं, वे निर्धारित तिथि से एक कार्य दिवस पूर्व तक संबंधित न्यायालय में स्वयं या अपने अधिवक्ता के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। लोक अदालत में केवल उन्हीं मामलों को लिया जाता है, जिनका निस्तारण कानूनी रूप से समझौते के आधार पर संभव हो। सचिव ने जानकारी दी कि यदि किसी वाद में कोर्ट फीस जमा की जा चुकी है और उसका निस्तारण लोक अदालत में हो जाता है, तो जमा की गई कोर्ट फीस पूर्ण रूप से वापस कर दी जाती है। लोक अदालत में फौजदारी शमनीय मामले, लेबर और नियोजन विवाद, धन लेनदेन से जुड़े मामले, पति-पत्नी के विवाद (तलाक को छोड़कर), किरायेदारी, चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना मुआवजा, बिजली-पानी बिल विवाद, राजस्व व भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामले, उपभोक्ता फोरम के वाद और मोटर वाहन अधिनियम के तहत शमनीय चालान जैसे मामलों का निस्तारण किया जा सकता है। इसके अलावा ऐसे प्री-लिटिगेशन मामलों को भी लोक अदालत में सुलझाया जा सकता है, जो अभी न्यायालय में लंबित नहीं हैं, जैसे चेक बाउंस, धन लेनदेन, श्रम विवाद, बिजली-पानी-फोन बिल, भरण-पोषण और अन्य शमनीय दीवानी एवं फौजदारी मामले। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे इस व्यवस्था का लाभ उठाकर अपने विवादों का त्वरित और सुलहपूर्ण समाधान सुनिश्चित करें।

