
उत्तरकाशी(आरएनएस)। गंगा के जन्मोत्सव गंगा सप्तमी पर्व पर गंगोत्री धाम और मार्कण्डेय पुरी मुखबा गांव में धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान गंगोत्री धाम में मां गंगा की विशेष पूजा-अर्चना के साथ मां गंगा की मूर्ति का शृंगार किया गया। इसके बाद अब दिवाली लक्ष्मी पूजन तक गंगोत्री में श्रद्धालु मां गंगा के शृंगार दर्शन कर सकेंगे। वहीं मार्कण्डेय पुरी मुखबा में दीपदान, विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान के साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बृहस्पतिवार को गंगा सप्तमी पर गंगोत्री धाम मंदिर में सुबह से ही मां गांगा की विशेष पूजा अर्चना शुरू हो गई थी। ब्रह्म मुहूर्त पर गंगा के निर्वाण दर्शन करने के बाद तीर्थ पुरोहितों ने दुग्धाभिषेक, जलाभिषेक, फल, शृंगार चढ़ाने के बाद गंगा स्तुति, सहस्रनाम पाठ, गंगा लहरी पाठ व श्री शुक्त पाठ के बाद मंगल आरती की। इसके बाद धाम में मौजूद सभी तीर्थ पुरोहितों ने मां गंगा के शृंगार दर्शन किए। मंदिर में शृंगार दर्शन के बाद तीर्थ पुरोहितों, गंगा सभा व मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने मां गंगा से देश की खुशहाली की कामना की। गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहित राजेश सेमवाल ने बताया कि अक्षय तृतीय से पहले मां गंगा के निर्वाण दर्शन हुए थे लेकिन गंगा सप्तमी से लक्ष्मी पूजन तक शृंगार दर्शन होंगे। वहीं, मार्कण्डेय पुरी मखबा गांव में श्री गंगाजी सेवा ट्रस्ट की ओर से 11 हजार दीपदान किया गया। साथ ही धराली आपदा में दिव्यंगत लोगों व विश्व शांति के लिए हवन यज्ञ किया गया। वहीं, टकनौर क्षेत्र की महिला मंगल दल के साथ ही विभिन्न सांस्कृतिक दलों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। इस दौरान समाज में विभिन्न उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर अशोक सेमवाल, लोकेंद्र बिष्ट, हर्ष रावत, सीओ रविकांत सेमवाल आदि मौजूद रहे।

