
उत्तरकाशी(आरएनएस)। गंगोत्री नेशनल पार्क के अधिकारियों और गढ़वाल हिमालय ट्रैकिंग एंड माउंटेनियरिंग एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने गोमुख ट्रैक का स्थलीय निरीक्षण किया। करीब 11 किमी के पैदल ट्रैक पर भोजगढ़ी नाले में अधिक बर्फ होने के कारण टीम को लौटना पड़ा। पार्क के अधिकारियों का कहना है कि अगर इस सप्ताह ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी नहीं होती है तो पर्वतारोहियों के लिए ट्रैक खोल दिया जाएगा। लेकिन आम यात्रियों के लिए अभी गोमुख जाने के लिए इंतजार करना पड़ेगा। गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट एक अप्रैल को खोल दिए गए हैं लेकिन गोमुख ट्रैक पर अधिक बर्फबारी और क्षतिग्रस्त मार्ग के कारण 13 दिन बाद भी उस पर ट्रैकर्स और यात्रियों के लिए आवाजाही प्रतिबंधित किया गया है। बीते शनिवार को पार्क के उपनिदेशक हरीश नेगी सहित गढ़वाल हिमालय ट्रैकिंग एंड माउंटेनियरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष जयेंद्र राणा के नेतृत्व में वन विभाग और ट्रैकिंग से जुड़े लोगों ने गोमुख ट्रैक का स्थलीय निरीक्षण किया। दल ने कनखू बैरियर से लेकर भोजगढ़ी तक 11 किमी का ट्रैक का निरीक्षण किया लेकिन भोजगढ़ी नाले में अधिक बर्फ होने और बर्फबारी शुरू होने के कारण इन्हें लौटना पड़ा। जयेंद्र राणा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान यह देखा गया कि पर्वतारोहण से जुड़े लोगों के लिए मार्ग मेें कोई समस्या नहीं है। इसलिए पर्वतारोहियों को ट्रैकिंग और आरोहण के लिए जाने की अनुमति दी जाए। उपनिदेशक हरीश नेगी ने कहा कि अगर गोमुख क्षेत्र में इस सप्ताह बर्फबारी नहीं होती है तो एक सप्ताह बाद पर्वतारोहियों के लिए ट्रैक खोल दिया जाएगा। हालांकि अभी गोमुख तक जाने वाले यात्रियों को इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि आम लोगों के जाने के लिए रास्ता सही नहीं है। साथ ही ट्रैक पर अभी आश्रम और जीएमवीएन के गेस्ट हाउस भी नहीं खुले हैं।

