Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • उत्तरकाशी
  • 17 मार्च को त्रयोदशी पर होगा वारुणी यात्रा का आयोजन
  • उत्तरकाशी

17 मार्च को त्रयोदशी पर होगा वारुणी यात्रा का आयोजन

RNS INDIA NEWS 11/03/2026
rns featured image new

उत्तरकाशी(आरएनएस)। वरुणावत पर्वत की वारुणी यात्रा का आयोजन इस बार 17 मार्च को चैत्र मास की त्रयोदशी पर होगी। हर साल पंचकोसी वारुणी यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु वरुणावत पर्वत की परिक्रमा करने के बाद पुण्य अर्जित करते हैं। वारुणी यात्रा में जनपद ही नहीं बल्कि अन्य जनपदों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। पंचकोसी वारुणी यात्रा का आयोजन बनारस की काशी के तरह प्राचीन काल से की जाती है। बड़ेथी से शुरू होने वाली यात्रा का विशेष महत्व है। श्रद्धालु बडेथी में वारुणा और गंगा में स्नान करने के बाद बसुंगा, साल्ड, ज्ञाणजा, शिखरेश्वर होते हुए संग्राली, पाटा, गंगोरी में पहुंचते हैं जो एक दिन में पूरी होती है। संग्राली गांव के आचार्य दिवाकर नैथानी और ज्ञाणजा गांव के पंडित शिव प्रसाद भट्ट ने बताया कि यात्रा से मनोकामना की पूर्ति के साथ ही 33 कोटी देवी देवताओं की पूजा-अर्चना का पुण्य लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि प्राचीनकाल में वरुणा व भागीरथी के संगम पर स्नान के बाद खरवां, कवां, भराणगांव, ऊपरीकोट, मंदणभित्ती, गजोली, संगमचट्टी होते हुए गंगोरी में असी गंगा व भागीरथी के संगम पर स्नान के साथ वृहद पंचकोसी यात्रा संपन्न होती थी। तीन दिन की इस दुर्गम यात्रा में अधिकांशत: साधु संन्यासी ही जाते थे। अब एक दिन में यह यात्रा होती है जिसमें हर आयुवर्ग के लोग शामिल होते हैं।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: अफवाहों पर ध्यान न दें, जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू: डीएम
Next: बहुउद्देशीय शिविरों में 666 लोगों को मिला योजनाओं का लाभ

Related Post

rns featured image new
  • उत्तरकाशी

अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर बीडीसी बैठक में हंगामा

RNS INDIA NEWS 18/06/2026 0
rns featured image new
  • उत्तरकाशी

जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने के दिए निर्देश

RNS INDIA NEWS 15/06/2026 0
rns featured image new
  • उत्तरकाशी

रुद्रेश्वर महादेव की पावन पालकी का भ्रमण कार्यक्रम जारी

RNS INDIA NEWS 15/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 21 जून
  • उत्तराखंड में बंजी जंपिंग पर नई गाइडलाइन जल्द जारी होगी
  • एसडीएम किच्छा करेंगे आंगनबाड़ी वर्कर पर लगे आरोपों की जांच
  • नो पार्किंग जोन में खड़े 45 वाहनों पर कार्रवाई
  • दुगड्डा-चौकी मार्ग के डामरीकरण पर उठे सवाल
  • हरिद्वार एसएसपी ने सुनी जवानों की समस्याएं, 26 पुलिसकर्मी हुए सम्मानित
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.