
रुद्रपुर(आरएनएस)। रुद्रपुर में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। साल भर से ट्रांजिट कैंप में एक फर्जी जनसेवा केंद्र संचालित हो रहा था, जहां बाहरी राज्यों के लोगों के फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज बनाए जा रहे थे। एसटीएफ और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए केंद्र के संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ‘पिक्सेल लैब’ ऐप के जरिए दस्तावेजों को एडिट कर फर्जीवाड़ा करता था। टीम ने मौके से आधार-पैन सहित 97 से अधिक दस्तावेज और उपकरण बरामद किए हैं। मंगलवार को एसटीएफ के उपनिरीक्षक विपिन जोशी और उपनिरीक्षक कृष्ण गोपाल मठपाल के नेतृत्व में टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि मछली मार्केट रोड स्थित ‘गंगवार जनसेवा केंद्र’ में बाहरी राज्यों से आए श्रमिकों के फर्जी आधार और पैन कार्ड तैयार किए जा रहे हैं। सूचना पर कार्रवाई करते हुए टीम ने दुकान पर छापा मारा। मौके पर मौजूद युवक ने अपनी पहचान रामपुर, उत्तर प्रदेश हाल निवासी गड्डा कॉलोनी, शिमला बहादुर, ट्रांजिट कैंप चेतन कुमार के रूप में दी। जांच में सामने आया कि आरोपी पिक्सेल लैब ऐप के जरिए दस्तावेजों में नाम और पता बदलकर उनका प्रिंट निकाल लेता था। उसके मोबाइल से भी फर्जी दस्तावेजों की कई तस्वीरें मिली हैं। एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि आरोपी बिना किसी वैध लाइसेंस के जनसेवा केंद्र की आड़ में यह अवैध कारोबार चला रहा था। पूछताछ में उसने कुबूल किया कि वह सिडकुल की कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर ये फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर बुधवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने केंद्र और उपकरणों को सील कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इसकी बरामदगी की: आरोपी के पास से 42 आधार कार्ड, 55 पैन कार्ड, 9 हाईस्कूल अंकतालिकाएं (1 मूल, 8 फर्जी), 11 फोटोशीट के साथ ही 9,000 रुपये नकदी बरामद हुई है। आरोपी से मॉनिटर, एचपी कलर प्रिंटर, सीपीयू, की-बोर्ड और बायोमैट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैनर आदि उपकरण भी बरामद किए हैं।

