
देहरादून(आरएनएस)। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने बीते तीन साल में देहरादून-मसूरी क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग और निर्माण के खिलाफ की जानकारी दी है। एमडीडीए ने 10,000 बीघा से अधिक भूमि से अतिक्रमण हटाया है और 1,000 से अधिक अवैध निर्माणों को सील किया है। प्राधिकरण के अधिकारियों ने अवैध निर्माण के खिलाफ इसे अबतक का सबसे कठोर और बड़ा अभियान बताया है। प्रशासन ने इस एक्शन के जरिए साफ कर दिया है कि बिना नक्शा पास कराए या फिर नियमों की अनदेखी कर किया गया कोई भी निर्माण बख्शा नहीं जाएगा। एमडीडीए का कहना है कि लोगों को गुमराह कर प्लॉट बेचने वालों के खिलाफ सख्त रुख जारी रहेगा। एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा, ‘इतने बड़े स्तर पर कई गई ये कार्रवाई न सिर्फ एतिहासिक बल्कि इससे अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों और नियमों को ताक पर रखने वालों के बीच डर का माहौल बनाया गया है। जीरो टॉलरेंस नीति को आगे भी सख्ती से लागू है।’
अधिकारियों ने बताया कि अवैध जमीनों और निर्माण की रेगुलर निगरानी की जा रही और फिर कानून के मुताबिक सील या फिर बुल्डोजर एक्शन लिया जा रहा है। एमडीडीए आगे भी अवैध प्लाटिंग और निर्माण के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि जमीनों पर अवैध कब्जा और निर्माण सीधे तौर पर अर्बन प्लानिंग, पर्यावरण संरक्षण और पब्लिक सेफ्टी पर सीधा हमला है। एमडीडीए के मुताबिक अवैध प्लॉटिंग के चलते भविष्य में पेयजल संकटस ट्रैफिक जाम और जलभराव की समस्या देखने को मिलती हैं जिससे पब्लिक को भारी तकलीफ होती है।
सीएम दे चुके हैं सख्ती के निर्देश: आपको बता दें कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कई मौकों पर कह चुके हैं अवैध कब्जा, कानून उल्लंघन और देवभूमि की पहचान से खिलवाड़ करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है। राज्य के अन्य हिस्सों में अवैध जमीनों के खिलाफ विशेष अभियानों के जरिए कार्रवाई की जा रही है।

