
बागेश्वर(आरएनएस)। बागेश्वर विकासखंड के क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने कार्य योजनाओं, बजट आवंटन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में अनियमितताओं और भेदभाव का आरोप लगाते हुए डीएम को ज्ञापन सौंपा है। इसमें क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने अपनी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। ज्ञापन में कहा है कि क्षेत्र पंचायत सदस्यों को प्राप्त होने वाली एक लाख से 2.50 लाख रुपये तक की योजनाओं में मस्टरोल प्रक्रिया अपनाई जाए, जबकि 2.50 लाख रुपये से अधिक की योजनाओं में ही निविदा प्रक्रिया लागू की जाए। आरोप लगाया कि इसके बावजूद खंड विकास अधिकारी बार-बार टेंडर प्रक्रिया से ही कार्य कराने का दबाव बना रहे हैं। सदस्यों ने यह भी मांग की कि जिस प्रकार ग्राम प्रधानों को अपने-अपने क्षेत्रों में निजी फर्मों के माध्यम से सोलर लाइट स्थापित करने की अनुमति दी जाती है, उसी प्रकार क्षेत्र पंचायत सदस्यों को भी यह अधिकार दिया जाए। साथ ही सभी निर्वाचित क्षेत्र पंचायत सदस्यों को समान बजट आवंटन सुनिश्चित करने की मांग उठाई। ज्ञापन में ब्लॉक प्रमुख कार्यालय में पूर्व वर्षों की भांति ज्येष्ठ एवं कनिष्ठ प्रमुखों के बैठने की समुचित व्यवस्था अथवा उनके लिए अलग कक्ष उपलब्ध कराने की भी मांग की। बागेश्वर विकासखंड को उत्तराखंड का सबसे बड़ा विकासखंड बताते हुए कहा कि वर्तमान में सहायक लेखाकार सप्ताह में केवल कुछ दिन ही बागेश्वर ब्लॉक में उपलब्ध रहते हैं।

