
देहरादून(आरएनएस)। उत्तराखंड एसटीएफ ने बाहरी राज्यों से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दून में शस्त्र लाइसेंस रजिस्टर्ड कराने वाले गैंग का खुलासा किया है। एसटीएफ ने शुक्रवार को इस मामले में शामली (यूपी) के एक प्रॉपर्टी डीलर को प्रेमनगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपी ने चार लाख रुपये की रिश्वत देकर मेरठ के एक गन हाउस संचालक की मिलीभगत से फर्जी लाइसेंस बनवाया था। आरोपी के दून में इस तरह कई अन्य लोगों के असलहे पंजीकृत कराने का पता लगा है। जिसमें जांच शुरू कर दी गई है। एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता कर मामले का खुलासा किया। बताया कि व्यक्ति से शिकायत मिली थी कि बाहरी राज्यों के अपराधी फर्जी तरीके से शस्त्र लाइसेंस बनवाकर उत्तराखंड में दर्ज करा रहे हैं। जांच इंस्पेक्टर अबुल कलाम को सौंपी गई। जांच में सामने आया कि मनोज पुत्र भोपाल सिंह निवासी शामली, हाल निवासी केहरी गांव, प्रेमनगर ने अपना लाइसेंस देहरादून डीएम कार्यालय में दिसंबर 2020 में दर्ज कराया। दस्तावेजों की पड़ताल करने पर पता चला कि यह लाइसेंस मूल रूप से सिरसा (हरियाणा) से जारी दिखाया गया था। जिसे बाद में मेरठ और फिर देहरादून ट्रांसफर कराया गया। जब एसटीएफ ने सिरसा डीएम कार्यालय से संपर्क किया तो वहां जारी करने की तिथि पर इस नाम का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके बाद एसटीएफ की पकड़ में फर्जीवाड़ा आया।


