
देहरादून। गुरुवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 19 प्रस्तावों पर चर्चा के बाद निर्णय लिए गए। इनमें समान नागरिक संहिता (यूसीसी) में संशोधन, उत्तराखंड पर्यटन की नई नियमावली और उपनल कर्मचारियों से जुड़े अहम फैसले शामिल रहे।
कैबिनेट ने यूसीसी में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए अध्यादेश लाने का निर्णय किया है। संशोधन के तहत जनवरी 2025 से पहले विवाह करने वालों को विवाह पंजीकरण के लिए छह माह के बजाय एक वर्ष का समय मिलेगा। इसके साथ ही रजिस्ट्रार जनरल का स्तर बढ़ाकर अपर सचिव स्तर का अधिकारी किया गया है। समय पर कार्य न करने की स्थिति में अब जुर्माने के स्थान पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
बैठक में उत्तराखंड पर्यटन की नियमावली को भी स्वीकृति दी गई। इसके अनुसार होम स्टे योजना का लाभ केवल राज्य के स्थायी निवासियों को मिलेगा। बाहरी राज्यों के लोग केवल बेड एंड ब्रेकफास्ट की सुविधा ही संचालित कर सकेंगे, उन्हें होम स्टे जैसी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा केदारनाथ धाम में एक पायलट परियोजना शुरू करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें गोबर और चीड़ की पत्तियों से बायोमास पैलेट तैयार किए जाएंगे। इस परियोजना का संचालन पर्यटन विभाग द्वारा किया जाएगा।
उपनल कर्मचारियों के मामले में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया। पहले समान कार्य–समान वेतन का लाभ 12 वर्ष की सेवा पूरी करने पर दिया जाना था, जिसे घटाकर अब 10 वर्ष कर दिया गया है। इससे लगभग सात से आठ हजार कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। वर्ष 2018 से पहले के शेष कर्मचारियों को भी अलग व्यवस्था के तहत लाभ दिया जाएगा। भविष्य में उपनल के माध्यम से केवल भूतपूर्व सैनिकों के पुनर्वास से जुड़े कार्य किए जाएंगे।
बैठक में पेराई सत्र 2025-26 के लिए 270 करोड़ रुपये की स्टेट गारंटी को मंजूरी दी गई, जिससे चीनी मिलें ऋण ले सकेंगी। साथ ही गन्ना किसानों के लिए अगेती गन्ने का मूल्य 405 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया। निर्वाचन विभाग की सेवा नियमावली को स्वीकृति दी गई, जबकि उत्तराखंड संस्कृत अकादमी का नाम बदलकर उत्तराखंड संस्कृत संस्थान करने का निर्णय लिया गया।
यूकॉस्ट के अंतर्गत अल्मोड़ा और चंपावत के साइंस सेंटरों के लिए छह-छह पद सृजित किए गए हैं। ऊर्जा विभाग की वर्ष 2024-25 की रिपोर्ट और वन निगम की रिपोर्ट को सदन में प्रस्तुत करने पर भी कैबिनेट ने सहमति दी। बागवानी मिशन के तहत एंटी हेलनेट योजना में केंद्र सरकार की 50 प्रतिशत सहायता के साथ अब राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त 25 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
दून विश्वविद्यालय में हिंदू अध्ययन केंद्र के लिए छह पदों को स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा सतेंद्र कुमार बनाम सीबीआई प्रकरण के तहत एनडीपीएस और पॉक्सो मामलों के लिए विशेष न्यायालयों के गठन का निर्णय लिया गया है। कुल 16 विशेष न्यायालय स्थापित होंगे, जिनके लिए 144 पद स्वीकृत किए गए हैं। देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और उधम सिंह नगर में सात एडीजे और नौ एसीजेएम स्तर के न्यायालय होंगे।
कैबिनेट ने उत्तराखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर निर्णय का अधिकार मुख्यमंत्री को देने पर भी मुहर लगाई। खनन विभाग से जुड़े प्रस्ताव में नंधौर समेत अन्य नदियों में खनन से संबंधित आदेशों में संशोधन किया गया है। वहीं, खेल प्रतियोगिताओं को प्रोत्साहित करने के लिए विधायक स्तर, सांसद स्तर और राज्य स्तर पर चैंपियन ट्रॉफी और पुरस्कार राशि तय की गई है।
ब्रिडकुल को रोपवे, सुरंग, कैविटी पार्किंग और ऑटोमेटेड या मैकेनिकल पार्किंग परियोजनाओं के निर्माण की अनुमति भी दी गई। इसके साथ ही भारतीय न्याय संहिता की धारा 330 के अंतर्गत दो पक्षों की सहमति होने पर विशेषज्ञ की आवश्यकता समाप्त करने और इसके लिए एक मानक प्रारूप तैयार करने की नियमावली को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
