
अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा में अनुसूचित जाति समुदाय के कृषकों के लिए आयोजित पाँच दिवसीय व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हो गया है। अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना कटाई-उपरांत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी की अनुसूचित जाति उप-योजना के तहत यह प्रशिक्षण 5 से 9 जनवरी तक आयोजित किया गया, जिसमें अल्मोड़ा, बागेश्वर और पौड़ी गढ़वाल जनपदों के 18 कृषकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान कृषकों को मिलेट थ्रेशिंग, उन्नत कृषि यंत्रों के उपयोग, आटा पिसाई, सोया दूध और टोफू निर्माण सहित कटाई उपरांत तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, मंडुआ की खेती एवं प्रसंस्करण, वर्मी कम्पोस्टिंग और समेकित कीट प्रबंधन जैसे विषयों की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम के शुभारंभ पर संस्थान के निदेशक लक्ष्मी कांत ने कहा कि आधुनिक तकनीक और कौशल विकास के माध्यम से कृषि को उद्यमिता से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है। प्रशिक्षण के अंतर्गत कृषकों को संस्थान की कार्यशाला और मिलेट मूल्य श्रृंखला सुविधा का भ्रमण भी कराया गया। कार्यक्रम के समापन पर आजीविका संवर्धन के उद्देश्य से दो कृषकों को दो अश्वशक्ति की मोटर से चलने वाली आटा चक्कियां प्रदान की गईं और सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। प्रशिक्षण कार्यक्रम का समन्वयन मनोज कुमार और कुशाग्रा जोशी ने किया।
