Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • पैराफिट या क्रैश बैरियर होते तो शायद न होता हादसा: आर्य
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

पैराफिट या क्रैश बैरियर होते तो शायद न होता हादसा: आर्य

RNS INDIA NEWS 05/11/2024
yashpal-aarya-1

देहरादून(आरएनएस)। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि रामनगर के मर्चुला में हुए भीषण बस हादसे में 36 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाई। यह हादसा केवल एक त्रासदी नहीं है, बल्कि हमारी सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि सड़क किनारे पैराफिट या क्रैश बैरियर होते तो शायद ये हादसा नहीं होता। मीडिया को जारी बयान में आर्य ने कहा कि उत्तराखंड में कभी आपदा तो कभी सड़क हादसे यहां के लोगों की नियति बन चुकी है। हर बार आपदा और हादसे के बाद सरकार कहती है, इसकी जांच होगी और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाही होगी, लेकिन एक हफ्ते बाद ही सब ठंडा पड़ जाता है। आर्य ने कहा कि ओवरलोड दुर्घटना का कारण हो सकता है, जिसके जिम्मेदार ड्राइवर- कडंक्टर से लेकर आरटीओ, एआरटीओ होंगे, लेकिन सड़कें और ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के बुरे हालातो का उत्तरदायी कौन है? बदहाल सड़क जिसे सुधारने का जिम्मा लोक निर्माण विभाग का होता है, लेकिन सरकार के दावों के विपरीत सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। उन्होंने कहा कि जिस जगह बस खाई में गिरी, अगर वहां पैराफिट या क्रैश बैरियर होता तो ऐसी त्रासदी से बच पाने की उम्मीद की जा सकती थी। आर्य ने कहा कि क्या मर्चुला बस दुर्घटना की जिम्मेदारी सिर्फ इन्ही दो अधिकारियों की ही है, जिन्हें सस्पेंड किया गया। पहाड़ की सड़कों की जर्जर स्थिति और उसके कारण हो रही दुर्घटनाओं की जिम्मेदार स्पष्ट रूप से राज्य सरकार है। आर्य ने कहा कि पहाड़ी इलाकों में सड़कों के किनारे जरूरी सुरक्षा घेरे को मजबूत और दुरुस्त रखने को अनिवार्य बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि तय समय में सड़क दुर्घटना के समस्त पहलुओं की विस्तृत जांच एवं दुर्घटना के लिए उत्तरदाई लोगों पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: पुरानी पेंशन बहाली को ईगास पर लगेगा मंडाण
Next: पेंशन, गैरसैण राजधानी समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर राज्य आंदोलनकारियों ने दिया धरना

Related Post

rns featured image new
  • देहरादून

केवि संभागीय खेलकूद प्रतियोगिता के विजेताओं को किया सम्मानित

RNS INDIA NEWS 26/06/2026 0
rns featured image new
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

धामी सरकार की सौगात: मात्र 3 लाख में मिलेगा आधुनिक फ्लैट

RNS INDIA NEWS 25/06/2026 0
rns featured image new
  • देहरादून

जौनसार के कल सिंह बिष्ट बने भारत सरकार में प्रधान महानिदेशक

RNS INDIA NEWS 24/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 27 जून
  • कालागढ़ पावर हाउस ने जून में किया रिकॉर्ड बिजली उत्पादन
  • टेंडर निरस्त नहीं होने तक जारी रहेगा जमीन बचाने का संघर्ष, चौथे दिन भी क्रमिक अनशन पर डटे ग्रामीण
  • रात में अतिक्रमण हटाओ अभियान से भड़के लघु व्यापारी, नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन
  • कोसी नदी में नहीं उतरने की सोमेश्वर पुलिस ने की अपील
  • पांच साल की मासूम से दरिंदगी, पैरोल पर आया सजायाफ्ता गिरफ्तार
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.