
भरतपुर (आरएनएस)। चिकसाना थाना क्षेत्र के गांव नौगाया में पुलिस के पहरे में निकल रही दलित बेटी की बारात को लेकर विवाद हो गया। गांव के कुछ लोगों ने उत्पात मचाते हुए गीली दीवार गिराने के साथ पथराव कर दिया। जिसमें पुलिस की एक गाड़ी क्षतिग्रस्त हुई और दो व्यक्ति घायल हो गए। हालांकि पुलिस पथराव जैसी घटना से इनकार कर रही है। लेकिन, पुलिस द्वारा चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। वधु परिवार ने पहले ही झगड़े की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन को अवगत कराकर सुरक्षा मांगी थी। इसलिए यह बारात पुलिस के पहरे में निकल रही थी।
बारात में शामिल राजन सिंह ने बताया कि पुलिस की सुरक्षा में बारात निकल रही थी तभी ठाकुर समाज की कुछ महिलाओं ने बीच में आकर बारात को रोक लिया। उसके बाद गांव के ही कुछ लोग उत्पात मचाने लगे। पुलिस लोगों को रास्ते से हटा रही थी। तभी दीवार पर बैठे कुछ लोगों द्वारा उसे धक्का देकर गिरा दिया। उसके बाद बारात पर पथराव किया गया। दीवार गिरने से पुलिस की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई और पथराव में दो व्यक्ति घायल हो गए।
जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा का कहना है कि एक मकान के ऊपर दीवार बनी हुई थी जो अचानक गिर गई। जिसका मलवा गिरने से पुलिस की गाड़ी का शीशा टूट गया। गांव में स्थिति शांतिपूर्ण है। उत्पात मचाए जाने के आरोप में चार लोगों को हिरासत में लिया गया।
वधु के बड़े भाई राजवीर सिंह ने बताया कि वह सरकारी शिक्षक है। उसकी बहन आशा कुमारी तीन भाइयों के बीच में इकलौती है, जिसकी शादी धूमधाम से करने का फैसला लिया था। बहन का रिश्ता नदबई तहसील के गांव कैलूरी निवासी मनोज के साथ पक्का हुआ था। गांव में अन्य समाजों की बारात जैसे निकलती है उसी तरह बहन की भी बारात निकालना चाह रहे थे।
लेकिन, हमारे परिवार से गांव के कुछ लोग रंजिश रखते हैं, जिनमें मुंशी पहलवान, पुष्पेंद्र पंडित, भल्लू ठाकुर, देशराज ठाकुर, चंदन ठाकुर, दिलीप पंडित, महावीर ठाकुर प्रमुख हैं। इनके द्वारा बारात पर पत्थरबाजी की गई और मुझे भी जान से मारने की धमकी दी गई। जिसे लेकर मैंने संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर सुरक्षा की मांग की है।
पुलिस के मुताबिक 11 जुलाई को गांव में बारात आई और सुरक्षा की दृष्टि से एसडीएम रवि कुमार, एडिशनल एसपी डॉ. लालचंद कायल, एसपी अखिलेश शर्मा, सीओ ग्रामीण आकांक्षा कुमारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ करीब 100 पुलिस कर्मी, डीएसटी और क्यूआरटी टीम मौजूद रही।
एडिशनल एसपी मुख्यालय डॉक्टर लालचंद कायल ने बताया कि जिला पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र दिया गया था कि कुछ गांव के लोग दलित समाज की बेटी की बारात निकासी में व्यवधान पैदा करेंगे। जिसके चलते गांव में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पुलिस बल तैनात किया गया था।


