
ऋषिकेश। गंगा के डेंजर घाटों पर पर्यटक खुलेआम स्नान कर रहे हैं। डेंजर घाटों पर सुरक्षा के इंतजाम न होने से पर्यटकों की जान खतरे में पड़ सकती है। खास बात यह है कि डेंजर घाटों पर सुरक्षा के मामले में पुलिस दावे करने तक ही सीमित है। लेकिन यहां न चेतावनी बोर्ड लगे हैं और न ही पुलिस तैनात है। कांवड़ यात्रा पर पुलिस-प्रशासन गंगा में डूबने की घटनाएं रोकने के लिये मुकम्मल इंतजाम के दावे तो कर रहा है, लेकिन धरातल पर हालात कुछ अलग है। रविवार को गंगा घाटी के अधिकांश डेंजर घाटों पर पर्यटक बेखौफ स्नान करते नजर आये। खतरनाक घाटों और तटों पर पर्यटकों की आवाजाही रोकने के लिए कोई सुरक्षा व्यवस्था नजर नहीं आ रही है।
डेंजर घाटों पर अक्सर लोगों के डूबने की घटनाएं सामने आती हैं। बीते साल 19 लोग डेंजर घाटों पर स्नान करते समय जान गंवा चुके हैं। पुलिस के मुताबिक इस बार कांवड़ यात्रा में करीब एक करोड़ शिवभक्तों के नीलकंठ पहुंचने की संभावना है। ऐसे में गंगा स्नान के दौरान उनकी सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन सकती है। यात्रा शुरू होने में महज एक दिन शेष है। इससे पहले ही कई श्रद्धालु प्रतिबंधित गंगाघाटों पर स्नान करते नजर आ रहे हैं। जबकि, उन्हें रोकने के लिए कोई भी पुलिसकर्मी मौके पर नहीं दिख रहा। एसएसपी पौड़ी श्वेता चौबे ने बताया कि एसडीआरएफ और जल पुलिस के साथ गोताखोरों की टीम को तैनात किया गया है। डेंजर घाटों पर पर्यटकों को जाने से रोका जायेगा।

