

विकासनगर(आरएनएस)। चार पीढ़ियों के लंबे इंतजार के बाद हिमाचल प्रदेश के माशू गांव स्थित मंदिर से भगवान परशुराम महाराज और माता रेणुका की पालकियां रविवार को कनबुआ गांव पहुंचीं। देवताओं की पालकियों के एक रात के प्रवास पर पहुंचने से सधाण परिवार सहित पूरे गांव में उत्सव का माहौल रहा। आसपास के गांवों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने देव दर्शन कर परिवार और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। कनबुआ निवासी अतर सिंह पंवार ने बताया कि उनके दादा स्वर्गीय धर्म सिंह और तोला सिंह ने परिवार की खुशहाली और तरक्की के लिए माशू गांव स्थित मंदिर में भगवान परशुराम और माता रेणुका जी को एक रात के लिए अपने घर आमंत्रित करने की प्रार्थना की थी। इस मनोकामना के पूरा होने के लिए परिवार को चार पीढ़ियों तक इंतजार करना पड़ा। उन्होंने बताया कि शनिवार को दोनों पालकियों को रेणुका जी के स्नान के लिए ले जाया गया। रविवार सुबह करीब चार बजे स्नान के बाद पालकियों को मंदिर लाया गया। दोपहर एक बजे दोनों पालकियां कनबुआ के लिए रवाना हुईं। तुनिया, कालसी, हईया, अलसी और सकनी होते हुए कनबुआ पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने उनका भव्य स्वागत किया। पालकियों पर चावल और पुष्पवर्षा की गई। ढोल-बाजों की गूंज और पूजा-अर्चना के बीच शाम करीब चार बजे दोनों पालकियों को सधाण परिवार के पैतृक मकान में विराजमान कराया गया। देवताओं की पालकियां सोमवार दोपहर करीब एक बजे वापस माशू गांव के लिए रवाना होंगी। इस दौरान देव बजीर अजब सिंह चौहान, भंडारी गुलाब सिंह चौहान, पुजारी वीरेंद्र शर्मा, बबलू शर्मा, शूरवीर शर्मा, खुशी राम, तोता राम शर्मा, देव माली रणसिंह चौहान, श्याम सिंह चौहान, कुंवर सिंह चौहान, कंठी राम और खजाना सिंह मौजूद रहे।



