
देहरादून(आरएनएस)। एसटीएफ की साइबर क्राइम पुलिस टीम ने 25 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी का आरोपी बांग्लादेश बार्डर के पास पास से गिरफ्तार किया है। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना स्थित अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब हाबरा बाजार से उसे दबोचा गया। आरोपी साइबर ठगों को बैंक खाते, एटीएम और सिम कार्ड उपलब्ध कराने का अहम काम करता था। एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि दून के एक निवासी ने साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। अज्ञात ठगों ने उनका मोबाइल फोन हैक कर ई-मेल आईडी और नंबर बदल दिए थे, जिसके बाद उनकी कंपनी के खाते से 24.95 लाख रुपये उड़ा लिए गए। इस मामले में साइबर अपराध थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। बैंक खातों और सर्विस प्रोवाइडर (मेटा आदि) से मिले डिजिटल फुटप्रिंट की जांच के बाद एसटीएफ की टीम ने पश्चिम बंगाल में डेरा डाला और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया है कि जियाउर गाजी ने गाजी एंटरप्राइजेज के नाम से एक फर्जी फर्म बनाई थी। उसने खुद के 12 बैंक खातों के अलावा कई अन्य लोगों के खाते भी खुलवाए थे और उनके एटीएम व बैंकिंग डिटेल ठगों को दे रखे थे। जांच में पाया गया कि ठगी की पहली किश्त (11.95 लाख रुपये) उसके आईडीबीआई बैंक खाते में आई थी। इसके बाद उसने पुलिस से बचने के लिए यह रकम इंडसइंड और सेंट्रल बैंक के खातों में ट्रांसफर की। आरोपी ने सात लाख रुपये चेक से और बाकी रकम एटीएम से निकालकर गिरोह को पहुंचाई। गिरफ्तार आरोपी जियाउर निवासी दक्षिण बंकारा हिंगलगंज, पश्चिम बंगाल के पास से पुलिस ने एसबीआई व बैंक ऑफ बड़ौदा के दो एटीएम कार्ड, तीन मोबाइल फोन और तीन अलग-अलग कंपनियों के सिम कार्ड बरामद किए हैं। ठगी में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान के लिए काम किया जा रहा है।
