Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • 18 साल नहीं, स्नातक होने तक बेटे की करनी होगी परवरिश
  • न्यायालय
  • राष्ट्रीय

18 साल नहीं, स्नातक होने तक बेटे की करनी होगी परवरिश

RNS INDIA NEWS 05/03/2021
SupremeCourtofIndia

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

नई दिल्ली ,05 मार्च (आरएनएस)। देश की सर्वोच्च अदालत ने बच्चों की परवरिश के मुद्दे पर एक बड़ा फैसला दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के एक शख्स को अपने बेटे को 18 वर्ष नहीं, बल्कि उसके स्नातक होने तक परवरिश करने को कहा है। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने परिवार अदालत के आदेश को बदल दिया है। दरअसल ये मामले कर्नाटक के स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाले एक कर्मचारी का है। उस कर्मचारी का साल 2005 में पहली पत्नी से तलाक हो गया था, जिसके बाद फैमिली कोर्ट ने सितंबर, 2017 में बच्चे की परवरिश के लिए उस शख्स को 20 हजार रुपये प्रति महीने देने का आदेश दिया था। इसी पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि , महज 18 वर्ष तक की आयु तक ही वित्तीय मदद करना आज की परिस्थिति में पर्याप्त नहीं है, क्योंकि अब बेसिक डिग्री कॉलेज समाप्त करने के बाद ही प्राप्त होती है।
दरअसल, स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाले इस कर्मी का जून 2005 में पहली पत्नी से तलाक हो गया था, जिसके बाद फैमिली कोर्ट ने सितंबर, 2017 में बच्चे की परवरिश के लिए उस शख्स को 20 हजार रुपये प्रति महीने देने का आदेश दिया था। बाद में उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। राहत नहीं मिलने पर उस शख्स ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
सरकारी कर्मी ओर से सुप्रीम कोर्ट में दलील दी गई कि उसके हाथ में आने वाला वेतन ही करीब 21 हजार है। हमारे मुवक्किल ने दूसरी शादी कर ली है और दूसरी शादी से उसे दो बच्चे हैं, ऐसे में पहली शादी से जन्मे बेटे को प्रति महीने 20 हजार रुपये देना असंभव है।
सरकारी कर्मी की ओर से पेश वकील ने सुप्रीम कोर्ट में यह भी कहा, हमारे बीच तलाक इसलिए हुआ था, क्योंकि पत्नी का किसी दूसरे व्यक्ति से अवैध संबंध था। पीठ ने इस दलील को ठुकराते हुए कहा कि आप इसके लिए बच्चे को दोष नहीं दे सकते।
आखिर इसमें बच्चे का क्या दोष है। पीठ ने यह भी कहा कि जब आपने दूसरी शादी की तो आप यह भलीभांति जानते होंगे कि आपको पहली शादी से जन्मे बच्चे की भी देखभाल करनी है।
कोर्ट में बच्चे व मां की ओर से पेश वकील गौरव अग्रवाल ने कहा, बेहतर यह होगा अगर पिता को हर महीने रखरखाव के लिए कम राशि देने का निर्देश दिया जाए, लेकिन रखरखाव की राशि स्नातक की डिग्री लेने तक जारी रहे।
पीठ ने इस प्रस्ताव को उचित बताते हुए शख्स को मार्च, 2021 से बेटे के रखरखाव के लिए 10 हजार रुपये महीने देने के लिए कहा है। साथ ही यह भी कहा है कि हर वित्त वर्ष में इस राशि में एक रुपये का इजाफा करना होगा।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: नेपाल गए 3 भारतीय नागरिकों की पुलिस से बहस, फायरिंग में एक की मौत- दो लापता
Next: घर से निकला किशोर संदिग्ध परिस्थिति में लापता

Related Post

rns featured image new
  • राष्ट्रीय

दिल्ली हाई कोर्ट ने नीट परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर प्रतिबंध बरकरार रखा

RNS INDIA NEWS 19/06/2026 0
rns featured image new
  • राष्ट्रीय

भांजी से बात करने की खौफनाक सजा, मामाओं ने बीच सड़क पर युवक पर चढ़ा दी कार

RNS INDIA NEWS 13/06/2026 0
WhatsApp Image 2026-06-13 at 18.54.51
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • राष्ट्रीय

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में आईएमए की पासिंग आउट परेड संपन्न, 515 कैडेट बने सैन्य अधिकारी

RNS INDIA NEWS 13/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • खेत बचाओ अभियान के तहत वैज्ञानिकों ने किसानों को किया जागरूक
  • मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 29 जुलाई से फिर आंदोलन करेंगे गुरिल्ले
  • कोसी नदी में डूबने से दो युवकों की मौत, क्षेत्र में मचा हड़कंप
  • तहसील परिसर में शत्रु संपत्ति की ई-नीलामी को लेकर जागरूकता शिविर आयोजित
  • मासिक अपराध गोष्ठी में साइबर अपराध, यातायात और आपदा प्रबंधन पर फोकस
  • ग्राम विकास और उद्यमिता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.