
सहारनपुर। पंजाब नेशनल बैंक के करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोट बरामद होने के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ एक संविदा कर्मचारी की संपत्तियों और बैंक लेनदेन ने जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा है। करीब 11 हजार रुपये मासिक वेतन पाने वाले इस कर्मचारी के नाम पर पांच मकान, एक एसयूवी, एक कार और दो मोटरसाइकिल होने की जानकारी जांच में सामने आई है। हालांकि, अभी तक उसकी संपत्ति और नकली नोटों के मामले के बीच कोई सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ है।
एनआईए खंगाल रही संपत्ति और लेनदेन
मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कर्मचारी की संपत्तियों, बैंक खातों में हुए लेनदेन और निलंबित बैंक प्रबंधक के साथ उसके संबंधों की पड़ताल कर रही है। जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि संपत्तियां कब खरीदी गईं, किसके नाम पर दर्ज हैं और उनकी खरीद के लिए धन का स्रोत क्या था।
करेंसी चेस्ट तक पहुंच भी जांच के दायरे में
कर्मचारी की आधिकारिक जिम्मेदारी वाहन चलाने और सामान लादने तक सीमित थी। पुलिस के अनुसार, वह करेंसी चेस्ट के आसपास काफी समय बिताता था और बैंक के निलंबित प्रबंधक के निजी सहायक की तरह भी काम करता था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि उसे करेंसी चेस्ट के उन हिस्सों तक कितनी पहुंच थी, जहां बड़ी मात्रा में नकदी रखी जाती थी।
दूसरे चालक से करवाता था ड्यूटी
जांच में उसके काम करने के तरीके को लेकर भी जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि चालक के पद पर तैनात कर्मचारी खुद वाहन चलाने के बजाय करीब 500 रुपये प्रतिदिन के भुगतान पर दूसरे चालक से ड्यूटी करवाता था। इसके चलते जांच एजेंसियां उसके घोषित वेतन, आय के स्रोत, संपत्तियों और खर्च के बीच अंतर की भी पड़ताल कर रही हैं।
17.29 करोड़ के नकली नोट मिलने से खुला मामला
मामला सहारनपुर के सोफिया बाजार स्थित पंजाब नेशनल बैंक के करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोट मिलने के बाद सामने आया था। 29 अगस्त को मामला उजागर होने के बाद जांच में 500 रुपये मूल्यवर्ग के 340 बंडल नकली पाए गए। शुरुआती जांच में बैंक के तीन कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध मिलने पर तीनों को निलंबित कर दिया गया था।
स्थानीय पुलिस की शुरुआती जांच के बाद अब एनआईए भी मामले की पड़ताल कर रही है। एजेंसी नकली नोटों के करेंसी चेस्ट तक पहुंचने की कड़ी, बैंक कर्मचारियों की भूमिका, संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों के स्रोत की जांच कर रही है। जांच अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारी की संपत्ति और आय में अंतर अपने आप में अपराध का प्रमाण नहीं है, लेकिन करेंसी चेस्ट तक उसकी संभावित पहुंच को देखते हुए उसके वित्तीय और व्यक्तिगत संबंधों की विस्तृत जांच की जा रही है।


