
रुद्रपुर। सितारंगज में स्कूली बच्चों को लेकर जा रही बस के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद यातायात विभाग की तंद्रा टूटी है। मंगलवार को एआरटीओ बीके सिंह ने पुलभट्टा और लालपुर क्षेत्र में स्कूली बच्चों को ढो रहे वाहनों की चेकिंग की। चेकिंग के दौरान जहां एक ओर स्कूलों का प्राइवेट वाहनों को कामर्शियल इस्तेमाल पाया गया। वहीं दूसरी ओर चालक पर ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन का परमिट और फिटनेस नहीं मिली। इसके अलावा वाहनों में क्षमता से अधिक स्कूली बच्चों को ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। एआरटीओ ने स्कूली बच्चे ढो रहे 25 वाहनों का चालक और 15 को सीज कर किया है। मंगलवार सुबह स्कूल लगने के समय एआरटीओ वीके सिंह ने स्कूली बच्चे ढोने वाले वाहनों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया। इससे स्कूल प्रबंधकों में हड़कंप है। प्राईवेट वाहनों का गैरकानूनी तरीके से कामर्शियल इस्तेमाल कर उनमें क्षमता से अधिक बच्चों को ठूंस ठूंस कर ढोया जा रहा था। चेकिंग के दौरान कई वाहन बगैर परमिट, बगैर फिटनेस के मिले। कई वाहनों में बगैर ड्राइविंग लाइसेंस चालक बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ करते पाये गये। एआरटीओ ने बताया कि कई वाहनों का कई साल से टैक्स ही जमा नहीं किया गया था। एआरटीओ ने पुलभट्टा में 15 वाहनों पर चालान की कार्रवाई करते हुए 10 वाहनों को सीज कर दिया। इसके बाद उन्होंने स्कूल बंद होने के समय लालपुर और रुद्रपुर क्षेत्र में अभियान चलाते हुए 10 वाहनों के खिलाफ चालान की कार्रवाई करते हुए पांच वाहनों को सीज कर दिया। बीके सिंह ने बताया कि स्कूली बच्चे ढो रहे वाहनों के खिलाफ चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा। इस दौरान रुद्रपुर एसडीएम प्रत्यूष सिंह भी मौजूद रहे।

