

अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा में ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (रावे) कार्यक्रम 2025 का समापन बुधवार को हुआ। कार्यक्रम में डीएसबी कैंपस, कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल के 16 तथा नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के 1 सहित कुल 17 बीएससी (कृषि) अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने भाग लिया। अगस्त 2025 में शुरू हुए इस प्रशिक्षण ने छात्रों को ग्रामीण कृषि प्रणाली, आधुनिक तकनीकों और फील्ड आधारित शिक्षण का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया। समापन समारोह की शुरुआत नोडल अधिकारी आर. पी. मीणा के स्वागत संबोधन और कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करने के साथ हुई। उन्होंने रावे कार्यक्रम के उद्देश्यों, गतिविधियों और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला तथा विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और संकाय सदस्यों के सहयोग की सराहना की। छात्रों ने भी अपने प्रशिक्षण अनुभव साझा किए। संस्थान के प्रभागाध्यक्ष एन. के. हेडाउ, बी. एम. पांडे, के. के. मिश्रा और कुशाग्र जोशी ने कार्यक्रम के सफल समापन पर छात्रों को बधाई दी और कृषि क्षेत्र में भविष्य के कैरियर लक्ष्यों को लेकर मार्गदर्शन प्रदान किया। निदेशक लक्ष्मी कांत ने पूरे प्रशिक्षण काल में छात्रों द्वारा प्रदर्शित अनुशासन और समर्पण की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि रावे कार्यक्रम कक्षा आधारित ज्ञान को वास्तविक कृषि परिस्थितियों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मंच है, जो भावी कृषि वैज्ञानिकों और कृषि-व्यवसाय विशेषज्ञों को तैयार करने में सहायक है। निदेशक ने प्रतिभागी छात्रों को प्रमाणपत्र वितरित किए और उत्कृष्टता की दिशा में सतत प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा रावे 2025 का सफलतापूर्वक समापन घोषित किया गया।

