
अल्मोड़ा। नगर निगम को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र और राज्य सरकार से 22 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि प्राप्त हुई, लेकिन वित्तीय वर्ष समाप्ति के करीब होने के बावजूद अब तक करीब 15 करोड़ रुपये ही खर्च हो पाए हैं। ऐसे में शेष धनराशि को निर्धारित समय में खर्च करना निगम प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। जानकारी के अनुसार, पंचम राज्य वित्त आयोग के तहत नगर निगम को अलग-अलग किश्तों में 20 करोड़ 43 लाख 30 हजार रुपये मिले, जबकि केंद्र सरकार से 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत 2 करोड़ 50 लाख 37 हजार रुपये स्वीकृत हुए। इसके बावजूद निगम अब तक 15 करोड़ 48 लाख 6 हजार रुपये ही खर्च कर पाया है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में करीब 38 दिन शेष हैं, जबकि साढ़े सात करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि अब भी अव्यय है। यह धनराशि नगर में विकास कार्यों, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण, सड़क मरम्मत, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता और अन्य जनसुविधाओं के विस्तार के लिए दी गई थी। उम्मीद थी कि इससे शहर की बुनियादी समस्याओं में सुधार होगा, लेकिन प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी के चलते योजनाएं समय पर धरातल पर नहीं उतर सकीं और खर्च की रफ्तार धीमी रही। अब समय कम बचने के कारण यह आशंका भी जताई जा रही है कि यदि कार्यों में तेजी नहीं लाई गई तो धनराशि लैप्स हो सकती है। इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों ने निगम की कार्यप्रणाली और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। सहायक नगर आयुक्त लक्ष्मण सिंह भंडारी का कहना है कि नगर के विभिन्न क्षेत्रों में निर्माण कार्य चल रहे हैं और उनका भुगतान किया जाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि शेष धनराशि वित्तीय वर्ष के भीतर ही खर्च कर ली जाएगी।


