
रुद्रपुर। सितारगंज तहसील में सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की ट्रैप कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को राजस्व एवं कलेक्ट्रेट कर्मचारी संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिलेभर से पहुंचे कर्मचारियों ने तहसील परिसर में धरना दिया, जिससे पूरे जिले में राजस्व कार्य प्रभावित रहे। प्रदर्शनकारियों ने तहसील के मुख्य गेट पर ताला जड़कर करीब 20 घंटे तक पुलिस को परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया। इस दौरान तहसील भवन के भीतर केवल विजिलेंस के पांच कर्मचारी और सितारगंज पुलिस के दो जवान मौजूद रहे। एहतियात के तौर पर कोतवाली और तहसील परिसर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा।
प्रदर्शन के दौरान आंदोलनरत कर्मचारियों ने तहसील भवन के शौचालयों पर भी ताले लगा दिए। वहीं, विजिलेंस कार्रवाई में नामजद दोनों कर्मचारियों के परिजन भी रात से तहसील परिसर में धरने पर बैठे रहे। संग्रह अमीन संघ, मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संगठन, लेखपाल संघ सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने कार्रवाई को नियमों के विरुद्ध और फर्जी बताते हुए विरोध दर्ज कराया।
कर्मचारी संगठनों ने जिलाधिकारी और अन्य उच्चाधिकारियों को भेजे ज्ञापन में कहा कि बुधवार को संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा और सहायक राजस्व लेखाकार भूपेंद्र सिंह राणा राजस्व बकायेदार से सरकारी बकाया राशि की वसूली कर विधिवत रसीद जारी कर रहे थे। उनका आरोप है कि इसी दौरान विजिलेंस टीम मौके पर पहुंची और नियमित वसूली की धनराशि को रिश्वत बताकर दोनों कर्मचारियों को ट्रैप कर लिया।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वसूली की पूरी प्रक्रिया कलेक्शन मैनुअल की धारा-127 के अनुरूप की जा रही थी। उनका यह भी आरोप है कि शिकायतकर्ता स्वयं राजस्व बकायेदार है और उसके खिलाफ विभिन्न थानों में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। संगठनों ने दावा किया कि विजिलेंस टीम ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को समझे बिना कार्रवाई की, जिससे कर्मचारियों का मानसिक उत्पीड़न हुआ और विभाग की छवि धूमिल हुई।
कर्मचारियों ने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए राजस्व, पुलिस और वित्त विभाग के अधिकारियों की संयुक्त जांच समिति गठित की जाए। साथ ही जांच पूरी होने और आरोप सिद्ध होने तक संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की गिरफ्तारी या अन्य विधिक कार्रवाई नहीं किए जाने की मांग भी उठाई।
