
ऋषिकेश(आरएनएस)। डब्लूडब्लूएफ इंडिया ने शनिवार को ई-वन राहत मोबाइल एप्लीकेशन पर कार्यशाला आयोजित की। जिसमें वनकर्मियों को ई-वन राहत एप्लीकेशन के प्रभावी उपयोग के लिए प्रशिक्षित किया गया। शनिवार को चीला रेंज स्थित चीला इंटरप्रिटेशन सेंटर में राजाजी टाइगर रिजर्व के सहयोग से डब्लूडब्लूएफ इंडिया द्वारा ई-वन राहत मोबाइल एप्लीकेशन पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्याशाला में डब्लूडब्लूएफ इंडिया के प्रतिनिधि आईपी बोपन्ना ने कहा कि यह एप मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं के मामलों में राहत राशी आवंटन प्रक्रिया को सुगम एवं त्वरित बनाने हेतु एक महत्वपूर्ण डिजिटल उपकरण है। यह ऐप मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं की रियल टाइम ट्रैकिंग और अनुग्रह राशि के त्वरित वितरण में अति उपयोगी है। राजाजी टाईगर रिजर्व के वन्यजीव प्रतिपालक चीला दीपक रावत ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य अग्रिम पंक्ति के वनकर्मियों को ई-वन राहत एप्लीकेशन के प्रभावी उपयोग के लिए प्रशिक्षित करना है। कार्यशाला में कुल 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें राजाजी टाइगर रिजर्व के मानव वन्यजीव संघर्ष के दृष्टिकोण से संवेदनशील रेंजों के फील्ड स्टाफ शामिल रहे।। प्रतिभागियों को एप के उपयोग, रिपोर्टिंग प्रणाली तथा इसके व्यावहारिक उपयोगों के बारे में विस्तृत जानकारी तथा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कहा कि ई-वन राहत ऐप मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं के विश्लेषण में भी उपयोगी है, जिससे साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने और प्रभावी प्रबंधन रणनीतियों को बढ़ावा मिलेगा। ई वन राहत ऐप के उपयोग से राहत राशि वितरण प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ाने में सहायता प्राप्त होगी तथा अनावश्यक विलंब में कमी आएगी। मौके पर डब्लूडब्लूएफ इंडिया से पंकज जोशी, वीएस तोमर, श्रेया सेठी, अन्याया सारथे, निधि, राजाजी टाईगर रिजर्व से वार्डन चित्रांजलि नेगी, रेंजर रमेश दत्त कोठियाल, मेघपाल सिंह आदि उपस्थित रहे।

