
अल्मोड़ा। ग्रीन हिल्स संस्था अल्मोड़ा की ओर से उत्तराखंडी कुकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य उत्तराखंड की समृद्ध पाक परंपरा, स्थानीय व्यंजनों और लोक संस्कृति को बढ़ावा देना तथा नई पीढ़ी को पारंपरिक खान-पान से जोड़ना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। प्रतियोगिता के दौरान एक ओर लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली तो दूसरी ओर पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों की खुशबू से पूरा वातावरण महक उठा। प्रतिभागियों ने सिसूण का साग, प्रसाद की थाली, सिंयल, पुए, आलू के गुटके, मादिरे की खीर, मंडुवे के चीले, सिड्डू, बड़ील, रायता, लाल चावल की खीर, मुनस्यारी के राजमा-चावल, कुकला और चुरू की चटनियां, तिमिल की सब्जी, बथुए का रायता तथा प्लम की चटनी जैसे पारंपरिक व्यंजन तैयार किए। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर रिचा दुर्गापाल, इंदिरा गनघरिया, निर्मल मेलकानिया, गीता रावत और वीना जोशी ने शीर्ष पांच स्थान प्राप्त किए।व्यंजनों का मूल्यांकन प्रीति साह, मीता उपाध्याय और लता पांडे ने किया। संस्था की अध्यक्षा डॉ. वसुधा पंत ने कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पारंपरिक खान-पान और लोक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ऐसे आयोजन बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि पारंपरिक ज्ञान और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में इस प्रकार के कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में दर्जा राज्य मंत्री गंगा बिष्ट मुख्य अतिथि रहीं। विशिष्ट अतिथियों में अंजली शर्मा, रीता दुर्गापाल, सुनीता तिवारी, आशा, प्रो. सीमा जोशी, पूर्व पालिकाध्यक्ष शोभा जोशी, डॉ. जेसी दुर्गापाल, पूनम पालीवाल, रेखा आर्या, राजेश बिष्ट, रजनी पंत और धीरेंद्र पांडे सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में मीनाक्षी पाठक, नीमा जोशी, भूषण पांडे, मनोज गुप्ता और दीपा गुप्ता ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
