
ऋषिकेश(आरएनएस)। चारधाम यात्रा का ऑफलाइन पंजीकरण आधार कार्ड से होगा। पंजीकरण होने के बाद उन्हें एक कार्ड दिया जाएगा, जिसे स्कैन करने पर यात्रियों का पूरा रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन एजेंसी की साइट पर उपलब्ध होगा। विदेशी यात्री ई-मेल आईडी के माध्यम से रजिस्ट्रेशन की सुविधा पा सकेंगे। वहीं, चारधाम की यात्रा करने के लिए कोई की कोई सीमा नहीं रखी गई है। हर आयु का व्यक्ति धामों के दर्शन के लिए जा सकता है। चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों के लिए 69 ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन काउंटर की सुविधा इस बार सरकार ने की है। इसमें हरिद्वार स्थित ऋषिकुल मैदान में 20, ऋषिकेश के चारधाम ट्रांजिट केंद्र और यात्रा बस अड्डे पर 34 काउंटर होंगे। इनमें चार काउंटर श्रीहेमकुंड गुरुद्वारा में संचालित किए जाएंगे। विकासनगर के नया गांव में आठ और हरर्बटपुर में सात काउंटर स्थापित किए गए हैं।आश्रम-धर्मशालाओं में ठहरे बुजुर्ग यात्रियों के लिए 30 मोबाइल टीम भी ऋषिकेश में तैनात की जा रही हैं। यह टीम यात्रियों के पास जाकर उनका रजिस्ट्रेशन करेंगी। ज्यादा भीड़ होने पर काउंटरों पर 24 घंटे रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन के ओएसडी डॉ. प्रजापति नौटियाल ने बताया कि पिछले वर्ष की यात्रा में इतने कांउटर की व्यवस्था की, जो कि इस वर्ष भी पर्याप्त रहने की संभावना है। बावजूद जरूरत पड़ती है तो काउंटरों की संख्या को बढ़ाने के लिए भी अतिरिक्त इंतजाम हैं। हरिद्वार, विकासनगर और ऋषिकेश में यात्री पड़ाव की भी व्यवस्था की गई है, जिससे कि पर्वतीय क्षेत्रों में रूट संबंधित परेशानी पर यात्रियों को विश्राम की सुविधा दी जा सके।ऋषिकेश में 1875 बसों का इंतजामतीर्थयात्रियों को चारधाम और श्रीहेमकुंड साहिब की यात्रा कराने के लिए हर साल की तरह इस बार भी निजी परिवहन कपंनियों ने संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति का गठन किया है। दशकों से यात्रा संपन्न करा रही समिति में बीते वर्ष तक नौ निजी परिवहन कंपनियां शामिल थी, लेकिन अब हरिद्वार की बस कंपनी को भी रोटेशन में जोड़ा गया है, जिससे निजी परिवहन कंपनियों पर निर्भर बस स्वामियों व चालक-परिचालकों को भी आर्थिकी बेहतर होने की उम्मीद है।

