
हरिद्वार(आरएनएस)। यूजीसी के नए नियमों के विरोध में जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी यति नरसिम्हानंद गिरि के शिष्यों ने सर्वानंद घाट से पदयात्रा शुरू की। रविवार को मां गंगा का विधिवत पूजन करते हुए केंद्र सरकार से यूजीसी के नए नियम वापस लेने की मांग उठाई गई। इस दौरान श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के कार्यकर्ता और सवर्ण समाज के कई लोग पहुंचे। आचार्य संजय शास्त्री ने विधि-विधान के साथ गंगा पूजन कराया। गंगा पूजन के बाद साधु-संत दिल्ली के रामलीला मैदान के लिए रवाना हो गए। बताया गया कि यह पदयात्रा विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए आठ मार्च को दिल्ली पहुंचेगी, जहां जनसभा में भाग लिया जाएगा। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष करण पंडित, रुपेश कौशिक, विजय पांडे, राजवीर शर्मा, पंडित पवन कृष्ण शास्त्री, रितेश समाजसेवी, करण पंत, संदीप मिश्रा, राजेंद्र दास, रामेश्वर गिरी, करण गिरी, ओमप्रकाश गिरी, रामानंद, अजय गिरी, रुद्र शर्मा, अक्षय पैंतोला, कुलदीप शर्मा, प्रभाकर पुरोहित मौजूद रहे। कानून वापस लेने तक विरोध जारी रहेगा इस अवसर पर परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि जो नेता यूजीसी के मुद्दे पर मौन हैं, उनको मां गंगा सद्बुद्धि दें। उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक केंद्र सरकार यह कानून वापस नहीं लेती, तब तक विरोध जारी रहेगा। काले कानून को स्वीकार नहीं किया जाएगा महंत स्वामी यति रामस्वरूपानंद गिरि ने आरोप लगाया कि यूजीसी के नए नियमों से ‘काला कानून’ थोपा गया है, जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। महामंडलेश्वर महंत विश्व पुरी ने कहा कि एक ओर देश में एक संविधान-एक विधान की बात होती है, दूसरी ओर समाज को बांटने का प्रयास किया जा रहा है।

