
अल्मोड़ा। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत अल्मोड़ा जनपद में स्क्रीनिंग अभियान को तेज गति मिली है। स्वास्थ्य विभाग ने एक्स-रे स्क्रीनिंग और एनएएटी (NAAT) जांच का दायरा बढ़ाते हुए उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया है। इसके परिणामस्वरूप जनपद एक्स-रे स्क्रीनिंग के मामले में प्रदेश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरीश चंद्र पंत, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. प्रांशु डेनियल तथा राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के नोडल अधिकारी डॉ. दीपक शर्मा के नेतृत्व में अभियान का संचालन किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार की ओर से निर्धारित 547 हाई-रिस्क गांवों में हैंड हेल्ड एक्स-रे शिविर लगाने का लक्ष्य जनपद ने शत-प्रतिशत पूरा कर लिया है, जबकि एक्स-रे स्क्रीनिंग का कार्य लगातार जारी है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 1,97,226 लोगों की स्क्रीनिंग के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 1,12,313 लोगों का निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण किया जा चुका है, जबकि 59,780 लोगों की एक्स-रे स्क्रीनिंग पूरी हो चुकी है। बेहतर प्रदर्शन के आधार पर अल्मोड़ा वर्तमान में राज्य में तीसरे स्थान पर है और इस उपलब्धि को और बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
टीबी की शीघ्र पहचान सुनिश्चित करने के लिए सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ओपीडी में आने वाले कम से कम 10 प्रतिशत मरीजों को बलगम जांच के लिए संदर्भित करें। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक एक्स-रे स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए जाएं।
वर्तमान में हवालबाग, धौलादेवी, ताड़ीखेत और भिकियासैंण विकासखंडों में विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है, जहां प्रतिदिन 150 से 250 लोगों की एक्स-रे जांच की जा रही है। अभियान में टीबी कार्यक्रम से जुड़े कार्मिकों के साथ-साथ अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी सक्रिय सहयोग कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान आरोग्य केंद्रों में तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) को भी निर्देशित किया है कि वे एनसीडी कार्यक्रम के तहत जांच के लिए आने वाले मधुमेह, उच्च रक्तचाप, धूम्रपान करने वाले तथा गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच के साथ आवश्यकता अनुसार बलगम परीक्षण और एक्स-रे स्क्रीनिंग भी सुनिश्चित करें। विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों की समय पर जांच कर टीबी मुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों को शीघ्र हासिल करना है।



