

देहरादून। तंत्र-मंत्र और वशीकरण के जरिए निजी व पारिवारिक समस्याएं दूर करने का झांसा देकर कथित ठगी करने के आरोप में दून पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में अब तक 100 से अधिक लोगों को ठगी का शिकार बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग नामों के आठ आधार कार्ड, 10 एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर कार्ड, भरे हुए चेक, सिम कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुजफ्फरनगर निवासी शाहरुख (26) और शामली निवासी सलमान (24) के रूप में हुई है। दोनों पिछले करीब डेढ़ महीने से पटेलनगर क्षेत्र के चमन विहार में किराये पर रह रहे थे। पुलिस को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर 12 अक्टूबर की रात आशियाना होम्स, चमन विहार फेज-1 में छापा मारकर दोनों को हिरासत में लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सोशल मीडिया पर खुद को वशीकरण विशेषज्ञ, ज्योतिषाचार्य, शास्त्री और तांत्रिक बताकर विज्ञापन देते थे। विज्ञापनों में अपनी पहचान छिपाकर मोबाइल नंबर साझा किए जाते थे। संपर्क करने वाले लोगों को तांत्रिक उपायों और अनुष्ठानों से समस्याएं दूर करने का भरोसा दिलाकर कथित तौर पर रकम वसूली जाती थी।
फर्जी दस्तावेजों से बैंक खाते खुलवाने का आरोप
पुलिस की जांच में सामने आया कि ठगी की रकम हासिल करने के लिए आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। पुलिस के अनुसार, दिलनवाज पुत्र समीम और मोहम्मद भूरा के नाम से भी आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज बनाए गए थे। इन दस्तावेजों में किराये के पते का इस्तेमाल कर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाने और उनके जरिए रकम के लेनदेन की आशंका है। आरोपियों के बैंक खातों से जुड़े लेनदेन की जांच की जा रही है।
दोनों के खिलाफ पटेलनगर कोतवाली में मुकदमा संख्या 753/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 3(5), 318(4), 336(3), 338 और 340(2) के तहत कार्रवाई की है। बरामद दस्तावेजों की जांच के साथ पुलिस संभावित पीड़ितों, बैंक खातों और इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका का पता लगा रही है।
कार्रवाई करने वाली टीम में पटेलनगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नरेश सिंह राठौड़, बाजार चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक आशीष कुमार तथा कांस्टेबल राजदीप मलिक, विक्रान्त, अरशद और पंकज शामिल रहे।



