
उत्तरकाशी(आरएनएस)। प्रयागराज में मौन अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुई घटना ना गंगोत्री और यमुनोत्री धाम मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने निंदा की है। उन्होंने मांग की है कि सनातनी परंपरा के प्रसिद्ध व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार करने वाले अधिकारियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कार्रवाई करनी चाहिए। इससे सनातनी परंपरा से जुड़े लोगों की निष्ठा को ठेस पहुंची है। बीते रविवार को मौनी अमावस्या के मौके पर प्रयागराज में गंगा स्नान के लिए जा रहे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को घाट पर पैदल जाने के लिए कहा गया था। उसके बाद उन्होंने रथ से जाने की बात कही लेकिन जब अधिकारी और पुलिस ने उन्हें नहीं जाने दिया। उसके बाद नाराज होकर वे लौट गए। घटना पर गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर समिति से जुड़े लोगों ने नाराजगी व्यक्त कर कार्रवाई की मांग की है। गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल, यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सनातन धर्म के ध्वज वाहक हैं। एक ओर तो सनातनी परंपरा को बढ़ावा देने की बात कही जा रही है। दूसरी ओर देश में सनातनी परंपरा को बढ़ावा देने वालों में अहम योगदान देने वाले संत के साथ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के अधिकारियों का इस प्रकार बरताव क्षमा योग्य नहीं है। इसलिए सीएम योगी को इस प्रकार के अधिकारियों पर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।

