

हल्द्वानी(आरएनएस)। चीतल और हिरण के बाद अब भालू भी कूड़े में भोजन की तलाश करते देखे जा रहे हैं। सिडकुल सितारगंज औद्योगिक क्षेत्र में कूड़े का उचित प्रबंधन न होने से वन्यजीवों का आबादी वाले इलाकों में मूवमेंट तेजी से बढ़ गया है, जो स्थानीय लोगों और वन्यजीवों दोनों के लिए गंभीर खतरा बन रहा है।रामनगर क्षेत्र में हिरण और चीतल के कूड़े में भोजन ढूंढते हुए वायरल वीडियो पहले ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने थे। अब भालू भी सितारगंज के सिडकुल क्षेत्र में कूड़े के ढेरों में भोजन तलाशते देखे गए हैं। वन अधिकारियों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में फैले कचरे के ढेर वन्यजीवों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। जानकारों का मानना है कि प्राकृतिक भोजन की कमी और आसानी से उपलब्ध होने वाला कचरा इन जानवरों को जंगलों से बाहर खींच रहा है। तराई पूर्वी वन प्रभाग के डीएफओ ने इस गंभीर समस्या को लेकर सिडकुल प्रबंधन को पत्र भेजा है, जिसमें कूड़े के उचित निस्तारण की व्यवस्था करने का आग्रह किया गया है। वन विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो मानव-वन्यजीव टकराव की घटनाएं बड़े स्तर पर बढ़ सकती हैं।

