
अल्मोड़ा। वनाग्नि की संभावित घटनाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए सिमतोला इको पार्क में मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा। मॉक ड्रिल के तहत सुबह सिमतोला क्षेत्र में आग लगने की काल्पनिक सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन तंत्र सक्रिय किया गया। वन चेतना केंद्र एनटीडी को स्टेजिंग एरिया बनाकर राहत और बचाव कार्यों का संचालन किया गया। वन विभाग की टीम ने फायर लाइन बनाकर और उपकरणों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रदर्शन किया। पुलिस ने क्षेत्र की घेराबंदी कर यातायात और भीड़ नियंत्रण संभाला। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमों ने घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का अभ्यास किया, जबकि चिकित्सा विभाग ने प्राथमिक उपचार और एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराई। आपदा प्रबंधन विभाग ने पूरे अभियान का समन्वय किया। अभ्यास के दौरान विभागों की तैयारियों का आकलन किया गया और सुधार के बिंदुओं पर चर्चा हुई। वन संरक्षक उत्तरी कुमाऊं वृत्त चंद्रशेखर जोशी ने मॉक ड्रिल का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए। प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह ने कहा कि ऐसे अभ्यास आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता को मजबूत करते हैं और जन-धन की हानि को कम करने में सहायक होते हैं। प्रशासन ने लोगों से वनाग्नि के प्रति सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तुरंत संबंधित विभागों को देने की अपील की है। इस दौरान प्रभागीय वनाधिकारी सिविल सोयम प्रभाग प्रदीप धौलाखंडी, आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल, रेंजर मनोज सनवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

