
उत्तरकाशी(आरएनएस)। धराली में गंगोत्री हाईवे पर एक कार साइड लेते हुए खीर गंगा नदी में जा गिरी। उसमें द्वारिका वेस्ट दिल्ली के चार यात्री घायल हो गए। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा। वहां पर प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। घटना के बाद अब धराली गांव के ग्रामीणों ने बीआरओ की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। कहा कि बीआरओ दस माह में मुख्य सड़क तैयार नहीं कर पाया है। घटना के समय कार में द्वारिका वेस्ट दिल्ली निवासी अनुराग सक्सेना, उनकी पत्नी बरखा सक्सेना सहित पांच वर्षीय बेटा अवयुक्त और उनके बुजुर्ग माता प्रतिमा सक्सेना सवार थे। हालांकि उन्हें घटना में सामान्य चोटें आई लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अगर यह शाम की घटना होती तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। क्योंकि उस समय खीर गंगा का जलस्तर बढ़ा रहता है। स्थानीय निवासी सुशील पंवार, मंजुल पंवार, जयदेव पंवार का कहना है कि बीते वर्ष अगस्त में आई आपदा में गंगोत्री हाईवे मलबे में दबने के बाद ग्रामीणों ने अपनी भूमि पर आवाजाही शुरू करवाने के लिए वैकल्पिक सड़क निर्माण करने दिया। उसके बाद से दस माह बीत चुके हैं लेकिन बीआरओ अपनी पुरानी सड़क का निर्माण नहीं कर पाया है। साथ ही वैकल्पिक सड़क भी संकरी होने के कारण वहां पर एक साथ दो वाहन आरपार नहीं हो सकते। अब दोबारा बरसात शुरू होने वाली है। उस समय खीर गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद यह वैकल्पिक सड़क और बीआरओ की निर्माणाधीन सड़क दोबारा बहने से आवाजाही बंद हो जाएगी। बीआरओ की लापरवाही के कारण वहां पर दुघर्टना के साथ ही दोबारा सीमा व गंगोत्री धाम की आवाजाही बंद होने का खतरा बना हुआ है।
