
अल्मोड़ा(आरएनएस)। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर गुरुवार को चौघानपाटा में मजदूर संगठनों, कर्मचारियों और विभिन्न जन संगठनों ने सभा और प्रदर्शन आयोजित कर केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने चार श्रम संहिताओं को निरस्त करने, मनरेगा में किए गए बदलाव वापस लेने और श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से हस्तक्षेप की मांग की। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान नीतियां मजदूरों, महिलाओं और कर्मचारियों के हितों के प्रतिकूल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने कहा कि मनरेगा कानून को पूर्व स्वरूप में लागू किया जाए, जबकि किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने बिजली विधेयक वापस लेने और खाद्य सब्सिडी बढ़ाने की मांग रखी। बीएसएनएल से जुड़े कर्मचारियों ने कहा कि अल्मोड़ा में कार्यरत कर्मचारियों को पिछले कई महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनमें आक्रोश है। वक्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों और मुक्त बाजार नीति को लेकर भी चिंता जताते हुए कहा कि इसका असर किसानों और कर्मचारियों पर पड़ सकता है। सभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने शहर में जुलूस निकालते हुए श्रम संहिताओं की वापसी और मजदूर अधिकारों की बहाली के समर्थन में नारे लगाए। कार्यक्रम में सीटू के जिला सचिव आरपी जोशी, महिला समिति की सुनीता पांडे और सरस्वती, जनवादी नौजवान सभा से युसूफ तिवारी, योगेश कुमार, आशा वर्कर्स से विजयलक्ष्मी, भगवती आर्य, ममता भट्ट, नीमा जोशी, किरण शाह, कर्मचारी प्रतिनिधि जीवन डांगी, कपिल सिंह, उमेश चंद्र, हीरा सिंह, भोजन माता समूह से देवकी, गंगा, हेमा अधिकारी, प्रेम जड़ौत, आनंदी गुप्ता तथा बीएसएनएल से डीसी भट्ट सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सभा का संचालन युसूफ तिवारी ने किया।

