
विकासनगर। ब्लॉक क्षेत्र के एक निजी शिक्षण संस्थान की ओर से छह माह पूर्व शुक्रवार को आधे दिन का अवकाश दिए जाने का आदेश जारी करने का मामला एक बार फिर तूल पकड़ने लगा है। हालांकि तब शिक्षण संस्थान ने भारी विरोध होने के बाद आदेश वापस ले लिया गया था। स्थानीय प्रशासन ने भी दोबारा ऐसा विवादास्पद आदेश जारी करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। जबकि शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षण संस्थान के खिलाफ जांच शुरू की गई थी, लेकिन जांच रिपोर्ट कभी सार्वजनिक नहीं की गई। शनिवार को प्रतिष्ठा सेवा समिति ट्रस्ट की ओर से तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करते हुए शिक्षण संस्थान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य गिरीश डालाकोटी के नेृतृत्व में तहसील मुख्यालय पहुंचे सदस्यों ने बताया कि शिक्षण संस्थान की ओर से धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए शुक्रवार को आधे दिन का अवकाश घोषित किया गया। जिसके बाद शिक्षा विभाग से शिक्षण संस्थान के अंदर होने वाली गतिविधियों के कई बिंदुओं पर जांच करने की मांग की गई थी। विभाग की ओर से खंड शिक्षाधिकारी के नेतृत्व में चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई। कमेटी ने स्कूल परिसर में जाकर शिक्षकों, अभिभावकों, छात्र-छात्राओं, पूर्व छात्रों और विद्यालय प्रबंधन से वार्ता कर कक्षा कक्षों का निरीक्षण किया। इसके साथ ही स्कूल में की जाने वाली सभी गतिविधियों की जानकारी ली। लेकिन छह माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया। शिक्षण संस्थान के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। कहा कि 31 जनवरी तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं किए जाने पर तीन फरवरी को खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय पर एक दिवसीय धरना दिया जाएगा। इसके बाद मुख्य शिक्षाधिकारी का घेराव किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में भूपेंद्र डोगरा, चंद्रशेखर सिंह, राज कौशल, देवेंद्र सिंह रावत, सुरेंद्र बिष्ट, जोगिंदर सिंह, गोपाल चंदेल, सुरेंद्र रावत, अशोक सिंह, सोहन सिंह नेगी, कृष्ण कुमार ठाकुर आदि शामिल रहे।

