Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • पिथौरागढ़
  • संस्कृति समाज में गहराई तक व्याप्त गुणों का समग्र रूप : प्रो ढोंडियाल
  • पिथौरागढ़

संस्कृति समाज में गहराई तक व्याप्त गुणों का समग्र रूप : प्रो ढोंडियाल

RNS INDIA NEWS 20/10/2024
rns featured image new

पिथौरागढ़। लक्ष्मण सिंह महर परिसर के वेब हाल में “हमारा समाज, हमारी संस्कृति, हमारी पहचान” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में में समाज- संस्कृत और भाषा के विविध स्वरूपों पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। शनिवार को परिसर के वेब हॉल में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि सोबन सिंह जीना विवि की पूर्व शिक्षा संकाय अध्यक्ष व शिक्षाविद प्रो विजयारानी ढोंडियाल ने कहा कि संस्कृति किसी समाज में गहराई तक व्याप्त गुणों का समग्र रूप होता है, जो समाज के सोचने, विचारने, कार्य करने, खाने-पीने, बोलने, नृत्य, गायन, साहित्य, कला, वास्तु आदि में परिलक्षित होता है। संस्कृति का वर्तमान रूप किसी समाज के दीर्घकाल तक अपनाई गई पद्धतियों का परिणाम होता है। वहीं मुख्य अतिथि परिसर निदेशक डॉ हेम चन्द्र पांडेय ने कहा कि, समाज विशेष के गौरवशाली इतिहास के साथ ही वर्तमान के रीति-रिवाज व परंपराओं का दर्पण होता है। जो नई पीढ़ी को समाज की विशेषताओं की जानकारी मुहैया कराता है। नई पीढ़ी को संस्कारवान व जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए संस्कृति का संरक्षण जरूरी है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए कार्यशाला की संयोजक डॉ संगीता पवार ने कहा कि संस्कृति से परिचित कराने के लिए सांस्कृतिक संस्थाओं का गठन जरूरी है। इन संस्थाओं के माध्यम से अपनी बोली, रीति-रिवाज, वेशभूषा व खान-पान की जानकारी युवाओं को मुहैया कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्कृति समाज और भाषा तीनों मिलकर देश की तरक्की में अमूल्य योगदान देते हैं। तकनीकी सत्र के बाद वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो वीआर ढोंडियाल, डॉ संगीता पवार व प्रकाश चंद्र भट्ट ने वंचितों की सामाजिक सांस्कृतिक एवं भाषाई पहचान पर चर्चा की। इस दौरान डॉ भावना पांडेय, डॉ कौशल किशोर बिजल्वाण, डॉ अर्जुन सिंह जगेड़ा आदि मौजूद रहे। कार्यशाला में बीएड प्रशिक्षु, एनसीसी के कैडेट्स, एनएनएस के वॉलिंटियर समेत परिसर के छात्र-छात्र मौजूद रहे।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: डेड लाइन खत्म के बाद भी नहीं भर पाए अल्मोड़ा नगर की सड़कों के गड्ढे
Next: पौड़ी में जिला पंचायत सदस्यों ने रखा मौनव्रत

Related Post

rns featured image new
  • पिथौरागढ़

बेरीनाग में महिला सम्मेलन का आयोजन हुआ

RNS INDIA NEWS 24/05/2026 0
rns featured image new
  • पिथौरागढ़

वंचित राज्य आंदोलनकारियों की सूची जारी करने की मांग

RNS INDIA NEWS 17/05/2026 0
rns featured image new
  • पिथौरागढ़

नाबालिग की पहचान उजागर करने वालों पर वैधानिक कार्रवाई शुरू

RNS INDIA NEWS 08/05/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकतें करती पांच महिलाएं गिरफ्तार
  • शटडाउन नहीं मिलने से लाइनमैन की करंट लगने से मौत, परिजनों में आक्रोश
  • टूरिस्ट बस और कार की टक्कर के बाद विवाद मारपीट में बदला
  • सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश
  • महिलाओं को साइबर सुरक्षा, महिला अधिकार और यातायात नियमों की दी जानकारी
  • मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के साथ बैठक
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.