
अल्मोड़ा। राजकीय मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा के नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में चिकित्सकों की टीम ने 930 ग्राम वजन के समयपूर्व जन्मे एक नवजात का सफल उपचार कर उसे स्वस्थ अवस्था में घर भेजा है। 75 दिन तक चले उपचार के बाद शिशु का वजन बढ़कर 2300 ग्राम हो गया, जिसे मेडिकल कॉलेज की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। बागेश्वर के दुग बाजार निवासी कविता पांडे की समयपूर्व प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें उपचार के लिए अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। 25 मई 2026 को जन्मे शिशु का वजन मात्र 930 ग्राम था और उसका जन्म गर्भावस्था के 28.3 सप्ताह में हुआ था। समयपूर्व जन्म के कारण शिशु के कई अंग पूरी तरह विकसित नहीं हुए थे और उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई थी। चिकित्सकों ने जन्म के बाद कई दिनों तक नवजात को वेंटिलेटर पर रखा। इसके बाद लगभग 20 दिनों तक उसे एनआईसीयू में विशेषज्ञों की निगरानी में उपचार दिया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. सुमित जीना के नेतृत्व में डॉ. ज्योति, डॉ. गौरव, डॉ. नौशिन, डॉ. हर्ष और डॉ. जयवीर की टीम ने लगातार उसकी देखभाल की। निरंतर उपचार और निगरानी के बाद नवजात की स्थिति में लगातार सुधार हुआ। चिकित्सकीय जांच में शिशु का मानसिक विकास सामान्य पाया गया, जबकि आंखों और मस्तिष्क की जांच रिपोर्ट भी सामान्य रही। इसके बाद 26 जुलाई 2026 को 75 दिन के उपचार के उपरांत 2300 ग्राम वजन के साथ शिशु को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। नवजात के स्वस्थ होकर घर लौटने पर परिजनों ने मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों और एनआईसीयू टीम का आभार व्यक्त करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।


