
देहरादून। खाद्य मंत्री ने रेखा आर्या ने कहा कि सरकार राज्य में भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत काम कर रही है। खाद्य विभाग भी सभी कार्यों में लगातार पारदर्शिता लाई जा रही है। राशन की दुकान और गोदामों के बीच सटीक नेटवर्क, बायोमीट्रिक व्यवस्था और सप्लाई चेन में जीपीएस का उपयोग का भ्रष्टाचार को शून्य किया जा सकता है। उत्तराखंड में संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कायर्कम (डब्लूएफपी)और खाद्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से संचालित कार्यक्रमों की सफलता पर आयोजित कार्यक्रम में खाद्य मंत्री ने कहा के प्रत्येक व्यक्ति को उसके हक का अनाज पहुंचाने सरकार का लक्ष्य है। इसमें डब्लूएफपी का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। उन्होंने डब्लूएफपी के अधिकारियों से अनुरोध किया कि वो राज्य में अन्नपूर्ति योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा अनाज एटीएम स्थापित करने का प्रयास करें। अपर आयुक्त-खाद्य पीएस पांगती ने राज्य में चल रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। कहा कि डब्लूएफपी ने कुंभ मेले के दौरान एक मोबाइल अनाज गोदाम निशुल्क दिया था। अब रामनगर में स्टील फ्रेम का 500 मीट्रिक टन क्षमता का गोदाम तैयार कराया जा रहा है।
डब्लूएफपी के कंट्री डायरेक्टर एरिक केनेफिक, इंडिया हेड अंकित सूद, एरिक्शन इंडिया ग्लोबल सर्विसेस के निदेशक राजेश गुप्ता ने भी विचार रखे। इस मौके पर खाद्य विभाग के उपसचिव अर्पण कुमार राजू, अनुसचिव राजेश कुमार, उपायुक्त निधि रावत, आरएफसी बीएल राणा, आरएमओ चंद्रमोहन घिल्डियाल, वित्त नियंत्रक हर सिंह बोनाल, वरिष्ठ वित्त अधिकारी मामूर जहां, कमल सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।

