


अल्मोड़ा। कृषि विज्ञान केंद्र, काफलीगैर में राष्ट्रीय महिला किसान दिवस पर ‘नारी शक्ति से कृषि समृद्धि’ विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा के निदेशक डॉ. लक्ष्मीकांत और केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. एनके हेडाऊ के निर्देशन में हुए कार्यक्रम में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कुल 58 किसानों ने प्रतिभाग किया, जिनमें 32 महिलाएं और 26 पुरुष शामिल रहे। मुख्य अतिथि पूर्व खरही मंडल अध्यक्ष हेमा देवी ने महिला किसानों को शुभकामनाएं देते हुए कृषि, पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में उनके योगदान की सराहना की। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. राज कुमार ने महिला किसानों से वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक उन्नत और लाभकारी बनाने का आह्वान किया। मुख्य कृषि अधिकारी, बागेश्वर के प्रतिनिधि विकास बिष्ट ने महिला सशक्तीकरण के लिए संचालित विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. कमल कुमार पांडे ने फसलों में लगने वाले प्रमुख कीटों और रोगों की पहचान, रोकथाम तथा प्रबंधन के बारे में बताया। वहीं डॉ. एनके सिंह ने पशुओं की प्रमुख बीमारियों, उनके लक्षणों, बचाव और कृमिनाशक दवाओं के उचित उपयोग की जानकारी दी। कार्यक्रम में चम्पा देवी निवासी मटेला, कमला देवी निवासी छौना और कमला देवी निवासी लुरीगांव-छौना सहित अन्य महिला किसानों को सम्मानित किया गया। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाली महिलाओं को भी पुरस्कार दिए गए। कार्यक्रम के तहत महिला किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र के प्रक्षेत्र का भ्रमण कराया गया। इस दौरान पॉलीहाउस में बेमौसमी सब्जियों के उत्पादन, संरक्षित खेती, मुर्गी पालन और प्राकृतिक खेती की इकाई में जीवामृत तैयार करने व उसके उपयोग की जानकारी दी गई। वैज्ञानिकों ने इन तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने, खेती की लागत घटाने और कृषि को टिकाऊ एवं लाभकारी बनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन संस्कृति सिंह ने किया।



