
अल्मोड़ा। वरिष्ठ सांस्कृतिक रंगकर्मी एवं संगीत साधक धीरेंद्र आर्या ‘धीरू भाई’ के निधन पर नगर के रंगकर्मियों और सांस्कृतिक जगत से जुड़े लोगों ने शोकसभा आयोजित कर उन्हें अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने उनके निधन को अल्मोड़ा ही नहीं, बल्कि पूरे कुमाऊँ की सांस्कृतिक दुनिया के लिए अपूरणीय क्षति बताया। श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि धीरू भाई वर्ष 1985 से धारानौला रामलीला से जुड़े रहे और लंबे समय तक उसके संगीत पक्ष के प्रमुख स्तंभ रहे। उनके निर्देशन और मधुर गायन ने रामलीला को नई पहचान दिलाई। वे होली गायन के भी प्रतिष्ठित गायक थे और चम्पावत, लोहाघाट, पिथौरागढ़, हल्द्वानी सहित कुमाऊँ के विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी विशेष पहचान थी। वक्ताओं ने बताया कि बहुत कम लोग जानते हैं कि धीरू भाई एक उत्कृष्ट एथलीट भी थे। वे 100 मीटर दौड़ के साथ ही समरसल्ट जैसी कठिन खेल गतिविधियों में भी दक्ष थे। अल्मोड़ा के प्रसिद्ध मां नंदा देवी महोत्सव में भी उनकी सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका रहती थी। शोकसभा में उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही शासन-प्रशासन और समाज से धीरू भाई के परिवार की आर्थिक सहायता करने तथा उनकी बेटी को संगीत के क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने की मांग उठाई। शोकसभा में मनोज वर्मा, मनोज सनवाल, तारा चंद्र जोशी, किशन गुरुरानी, हरीश कनवाल, दीपक जोशी, भूपाल मनराल, मुन्ना वर्मा, अनूप साह, हरीश बिष्ट, पार्षद अमित साह, अर्जुन बिष्ट, रवि गोयल, मंटू भंडारी, गीता मेहरा, विमला बोरा, पार्षद अभिषेक जोशी, देवेंद्र भट्ट, मीना भैसोडा, पार्षद संजय जोशी, पार्षद गुड्डू भट्ट सहित बड़ी संख्या में रंगकर्मी, जनप्रतिनिधि और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद रहे।
