
अल्मोड़ा। रामकृष्ण मिशन की रामकृष्ण कुटीर शाखा में गुरुवार को तीन दिवसीय आध्यात्मिक शिविर का शुभारंभ हो गया। 28 से 30 मई तक आयोजित होने वाली इस संगोष्ठी के पहले दिन विभिन्न आध्यात्मिक विषयों पर व्याख्यान और भक्ति कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल मंगल आरती, पूजा, भजन और ध्यान के साथ हुई। इसके बाद शिवानंद सभागार में आयोजित सत्र में ब्रह्मचारी साधुओं ने शांति पाठ किया। आश्रम अध्यक्ष स्वामी ध्रुवेशानंद ने देश-विदेश से पहुंचे साधु-संतों, प्रतिभागियों और श्रद्धालुओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अपनी अल्मोड़ा यात्राओं के दौरान इस क्षेत्र में गहन साधना की थी। काकड़ीघाट, कसार देवी, स्याही देवी, रघुनाथ मंदिर, निवेदिता कॉटेज और देवलधार जैसे स्थान उनके आगमन से आध्यात्मिक महत्व के केंद्र बने। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद की प्रेरणा से स्थापित इस आश्रम में तुरियानंद, शिवानंद और राम महाराज सहित कई संतों ने साधना की है। शिविर में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित गायिका सुभद्रा देसाई ने भक्ति पद प्रस्तुत किए। संध्या सत्र में भी उनके द्वारा भजन संध्या आयोजित की गई। पहले दिन स्वामी ओंकारेशनंद ने पुनर्जन्मवाद, स्वामी ध्रुवेशानंद ने रामकृष्ण वचनामृत, स्वामी भीतरानंद ने स्वामी विवेकानंद के अनुसार धर्मतत्व तथा स्वामी मायाधीशानंद ने नारदीय भक्तिसूत्र विषय पर व्याख्यान दिए। कार्यक्रम का संचालन काशी से आए स्वामी निलांजन महाराज ने किया। आयोजकों के अनुसार शिविर 30 मई तक चलेगा, जिसमें भक्ति संगीत के साथ विभिन्न आध्यात्मिक विषयों पर गहन चिंतन किया जाएगा। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के अलावा बांग्लादेश से भी प्रतिभागी पहुंचे हैं, जो अल्मोड़ा के आध्यात्मिक वातावरण और हिमालयी प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव कर रहे हैं।

