
अल्मोड़ा। प्रजापिता ब्रह्मा कुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय के उप सेवा केंद्र अल्मोड़ा की ओर से सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान में ‘राजयोग अभ्यास तथा मानसिक तनाव से मुक्ति’ विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के प्राध्यापकों, चिकित्सकों और प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। सेमिनार में आधुनिक जीवन में बढ़ते मानसिक तनाव के बीच आध्यात्मिक साधना और सकारात्मक चिंतन के महत्व पर चर्चा की गई। ब्रह्मा कुमारीज संस्थान की ओर से सावित्री सांगा, रजनी पंत, वंदना पांडे, नेहा बनकोटी, अमर सिंह नेगी, अजय तिवारी, जे.सी. दुर्गापाल, हेमंत पांडे, प्रमोद चौधरी और हेमेंद्र जोशी ने सहभागिता करते हुए आध्यात्मिक जीवनशैली, सकारात्मक सोच और राजयोग ध्यान के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. अनुराधा ने कहा कि वर्तमान समय में मानसिक तनाव समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए चुनौती बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजयोग ध्यान आत्मिक शांति और मानसिक संतुलन बनाए रखने का प्रभावी माध्यम हो सकता है। हेमंत पांडे और डॉ. जे.सी. दुर्गापाल ने विद्यार्थियों को संतुलित जीवनशैली अपनाने और आत्मबल विकसित करने के लिए प्रेरित किया। वहीं हेमेंद्र जोशी ने कहा कि स्वयं को आत्मा स्वरूप में अनुभव करने से व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास और मानसिक स्थिरता का विकास होता है। उन्होंने नियमित ध्यान, सकारात्मक चिंतन और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने भी विषय के प्रति रुचि दिखाई और राजयोग के माध्यम से मानसिक तनाव से मुक्ति के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में डॉ. हेमंत कुमार दत्त, प्रताप सिंह बिष्ट सहित बड़ी संख्या में चिकित्सा शिक्षा से जुड़े प्राध्यापक और विद्यार्थी मौजूद रहे।

