
अल्मोड़ा। पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन (एनएमओपीएस) की जिला इकाई ने रविवार को रैमजे इंटर कॉलेज सभागार में आयोजित बैठक में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को शीघ्र बहाल करने की मांग दोहराई। बैठक में सरकारी विभागों और सार्वजनिक सेवाओं में बढ़ते निजीकरण पर भी चिंता जताते हुए इसका विरोध किया गया। वक्ताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली तक आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
बैठक को संबोधित करते हुए एनएमओपीएस के जिलाध्यक्ष गणेश भण्डारी ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा विषय है। वर्षों तक सरकारी सेवा देने वाले शिक्षक-कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक असुरक्षा में नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने कहा कि नई पेंशन योजना (एनपीएस) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) कर्मचारियों को वह सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा नहीं दे सकती, जो पुरानी पेंशन व्यवस्था में उपलब्ध थी।
उन्होंने सभी शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि यह लड़ाई किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि देशभर के लाखों शिक्षक-कर्मचारियों के भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य समेत सार्वजनिक सेवाओं के बढ़ते निजीकरण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी संस्थानों को निजी हाथों में सौंपने के बजाय उन्हें संसाधनों से सशक्त बनाकर नियमित नियुक्तियां की जानी चाहिए।
जिला संरक्षक डॉ. मनोज कुमार जोशी ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों का अधिकार है और इसे बहाल कराने के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रहेगा। प्रांतीय कोर कमेटी सदस्य डॉ. धीरेंद्र पाठक ने वर्तमान पेंशन व्यवस्था को कर्मचारियों के भविष्य के लिए असुरक्षित बताते हुए आंदोलन को और तेज करने की आवश्यकता बताई।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष पंकज पांडेय ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की न्यायसंगत मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों की लगातार अनदेखी की गई तो कर्मचारी लोकतांत्रिक एवं चरणबद्ध आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे।
बैठक के दौरान कांग्रेस के पूर्व नगर अध्यक्ष पूरन रौतेला ने भी पहुंचकर पुरानी पेंशन बहाली की मांग का समर्थन किया। इस अवसर पर जिला मीडिया प्रभारी नितेश काण्डपाल, धौलादेवी ब्लॉक संयोजक जीवन साह, रमेश दानू, बसन्त पाण्डेय, महेश आर्या, दिनेश तिवारी, डीके जोशी, संजय जोशी, गिरिजा भूषण जोशी, महताब अंसारी, राजू लटवाल, रमेश महरा, तारा बिष्ट, अशोक रावत सहित विभिन्न शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। बैठक में सभी प्रतिभागियों ने एक स्वर में पुरानी पेंशन बहाली के राष्ट्रीय अभियान को समर्थन देते हुए आंदोलन को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया।


