
देहरादून। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अंतर्गत प्रारंभिक शिक्षा के लिए तैयार किए जा रहे पाठ्यक्रम में विशेषज्ञों के सुझावों को महत्व दिया जाएगा। शिक्षा विभाग ने ऐसे व्यक्तियों से 10 मई तक सुझाव मांगे हैं।
प्रदेश सरकार एनईपी के क्रियान्वयन में तेजी से जुटी हुई है। प्रारंभिक शिक्षा स्तर पर प्री-प्राइमरी व्यवस्था लागू की जा रही है। प्राथमिक विद्यालयों में चल रहे पांच हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री प्राइमरी के रूप में बाल वाटिका शुरू की जाएंगी। इस कड़ी में प्रारंभिक बाल्य देखभाल एवं शिक्षा (बालवाटिका) पाठ्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा रहा है।


