
उत्तरकाशी(आरएनएस)। भटवाड़ी के उत्तरों गांव के आराध्य श्री नाग देवता की डोली सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में छह दिन की पैदल यमुनोत्री धाम की यात्रा कर रविवार को वापस लौटी। गांव में डोली यात्रा का ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया तथा श्रीनाग देवता से गांव व क्षेत्र की खुशहाली और सुख समृद्धि मांगी। उत्तरों गांव के आराध्य श्रीनाग देवता हर पांच वर्ष बाद जून माह में पहाड़ी रास्तों से होते हुए यमुनोत्री की पैदल यात्रा पर निकलते हैं। करीब 55 किमी की पगडंडी वाली पैदल यात्रा के दौरान तीन दिन जाने तथा तीन दिन वापस आने में लगते हैं। बीते 4 जून मंगलवार को श्री नाग देवता की डोली जांगरा होते हुए कफलों, संगमचट्टी, गजोली होते हुए रात्रि विश्राम के लिए नौगांव पहुंची। दूसरे दिन 5 जून को सुबह हवमयनी, मुवायापानी, चौखंभ्या होते हुए हम्यारा, थापा कू चौंर और दामणी, थातरा होते हुए निसणी गांव पहुंची। निसणी गांव में श्री नाग देवता का भव्य स्वागत किया गया। 6 जून को श्री नाग देवता की डोली यमनोत्री धाम पहुंची। जहां डोली संग ग्रामीणों ने मां यमुना के दर्शन किए। पांचवें दिन यात्रा मुख्य पड़ाव गजोली गांव था और छठवें दिन यात्रा उत्तरों पहुंची। ग्राम प्रधान धर्मवीर सिंह ने बताया कि यात्रा गांव की सुख समृद्धि के लिए हर पांच वर्ष में होती है। यात्रा पहाड़ी कठिन रास्तों से होकर गुजरती है। लगभग 12000 हजार फीट की ऊंचाई को लांघकर सुंदर बुग्याल, फूलों और वन्य जीवों को निहारते हुए भक्तगण यात्रा का आंनद उठाते हैं। जिसमें पूरे गांव तथा आसपास के गांव के ग्रामीण भी यात्रा में शामिल होते हैं।
