
रुद्रप्रयाग(आरएनएस)। पंचकेदारों में द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओकारेश्वर मन्दिर में विराजमान हो गए है। अब शीतकाल के छह तक यहीं भगवान की नित्य पूजाएं संपन्न की जाएंगी। इस दौरान हजारों भक्तों के जयकारों के साथ क्षेत्र का पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। बीते 20 नवम्बर को द्वितीय केदार मदमहेश्वर के कपाट बंद होने के बाद प्रथम रात्रि के लिए डोली गौंडार पहुंची थी। जिसके बाद 21 नवम्बर को राकेश्वरी मंदिर रांसी एवं 22 नवम्बर को गिरया रात्रि प्रवास के लिए पहुंची थी। शनिवार को सुबह प्रधान पुजारी टी गंगाधर लिंग ने गिरीया गाँव में पंचाग पूजन के तहत भगवान मदमहेश्वर की विशेष पूजा अर्चना कर भोग लगाया। इस दौरान स्थानीय भक्तों ने बाबा मदमहेश्वर के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। भक्तों के जयकारों के साथ मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली गिरिया से शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मन्दिर के लिए रवाना हुई।
