
पिथौरागढ़। लंबे समय से न्याय की गुहार लगा रहा बंगापानी निवासी मनोज शासन-प्रशासन की अनदेखी से खिन्न है। युवक का कहना है पांच दिन से वह लगातार धरने में बैठा है, लेकिन उसकी सुध कोई नहीं ले रहा। न्याय न मिलने पर उन्होंने आत्मदाह की चेतावनी दी है। गुरुवार को नगर के टकाना स्थित रामलीला मैदान में मनोज का धरना छठे दिन भी जारी रहा। युवक ने बताया कि वर्ष 2010 में किसी अज्ञात व्यक्ति ने देहरादून पुलिस को फोन कर परेड ग्राउंड की सभा में सीएम को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। इस मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। इस झूठे आरोप में उसे चार माह जेल काटनी पड़ी। बाद में अदालत ने 11 जनवरी 2017 को उन्हें दोषमुक्त कर दिया। मनोज का कहना है कि इस मुकदमे के दौरान पुलिस ने उसके साथ बुरी तरह मारपीट की। छह साल चले मुकदमे और उपचार में लाखों रुपये बर्बाद हो गए। जिस समय उसे गिरफ्तार किया था वह निजी सुरक्षा गार्ड की ड्यूटी करने के साथ ही बीए की पढ़ाई भी कर रहा था। इस झूठे मुकदमे से उसका पूरा भविष्य बर्बाद हो गया। कई बार धरना प्रदर्शन और आमरण अनशन करने पर प्रशासन की ओर से उसे नौकरी का कोरा आश्वासन मिला है।

